नयी दिल्ली। क्या आप भी अपने टेलीकॉम ऑपरेटर की किसी खराब सेवा से परेशान हैं? यदि हाँ तो आप ऐसे अकेले नहीं हैं, क्योंकि आँकड़ों के मुताबिक 2016 से अब तक सरकार को टेलीकॉम कंपनियों की खराब सेवाओं के लिए 2.28 लाख शिकायतें मिली हैं। टेलीकॉम रेगुलेटर को भी लगभग 1 लाख शिकायतें मिली हैं। इनमें जनवरी से नवंबर के दौरान देखें तो ट्राई को 26,400 शिकायतें मिली हैं। हाल ही में संचार और आईटी राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया था कि जनवरी-नवंबर के दौरान सरकार को 44,890 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस लिहाज से रोजाना लगभग 134 शिकायतें की गयीं हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस साल नवंबर तक सरकार को जितनी शिकायतें मिली हैं, उनमें सबसे अधिक 18,959 शिकायतें बीएसएनएल के खिलाफ आयी हैं। वहीं एमटीएनएल की 10,711, एयरटेल की 5,540, जियो की 4,339, वोडाफोन की 3,334 और आइडिया 1,504 शिकायतें हैं। वोडाफोन और आइडिया के आँकड़े इसलिए अलग हैं क्योंकि ये दोनों कंपनियाँ तब तक एक नहीं हुई थीं।
क्या होता है शिकायतों का
धोत्रे ने बताया कि ट्राई अधिनियम, 1997 के तहत व्यक्तिगत उपभोक्ता शिकायतों से निपटने की जिम्मेदारी ट्राई की नहीं है। हालांकि ट्राई प्राप्त शिकायतों को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित सेवा प्रदाता को भेज देता है। उन्होंने बताया कि सरकार उपभोक्ता शिकायतों को दूर करने के लिए एक दूरसंचार लोकपाल स्थापित करने पर विचार कर रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिसंबर 2015 से नवंबर 2019 के दौरान दूरसंचार ऑपरेटरों द्वारा देश भर में 1.6 लाख से अधिक मोबाइल टॉवर जोड़े गए।
दबाव में है टेलीकॉम सेक्टर
इस समय वित्तीय लिहाज से टेलीकॉम सेक्टर दबाव में है। हाल ही में तीनों प्रमुख निजी कंपनियों ने अपने मोबाइल चार्जेस बढ़ाये हैं। वहीं एयरटेल का मानना है कि इनमें और भी बढ़ोतरी की जानी चाहिए। एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा था कि नयी तकनीक लाने के लिए कंपनियों को फंड की जरूरत है। एयरटेल और वोडाफोन पर वैसे ही एजीआर का भुगतान करने का दबाव है। एजीआर के लिए ही प्रोविजन बनाने के कारण इन दोनों कंपनियों को जुलाई-सितंबर तिमाही में भारी घाटा हुआ।
क्या है एजीआर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एजीआर एक यूसेज और लाइसेंस चार्ज है, जो दूरसंचार विभाग टेलीकॉम ऑपरेटरों से लेता है। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी एजीआर से संबंधित बकाया का तीन महीने की समय अवधि के अंदर ही भुगतान करने को कहा था। दूरसंचार विभाग ने इसलिए ऐसा कहा था कि ताकि कंपनियाँ एजीआर के भुगतान में देरी न करें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों से कुल 1.47 लाख करोड़ रुपये के बकाया एजीआर का भुगतान करने को कहा था।
यह भी पढ़ें - महंगाई की तगड़ी मार : जनवरी से क्या-क्या होगा महंगा, जानिये यहाँ
More From GoodReturns

Chandra Grahan 2026: सूतक काल सुबह 6:23 से शुरू, जानें आपके शहर में कब लगेगा चंद्र ग्रहण

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस



Click it and Unblock the Notifications