नई दिल्ली। रेटिंग एजेसी मूडीज ने भारत को आर्थिक मामले में एक बड़ा झटका दिया है। मूडीज ने भारत की रेटिंग को स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है। मूडीज ने भारत की रेटिंग को बीएए2 कर दिया है। मूडीज ने कहा है कि भारत की रेटिंग निगेटिव कर दी गई है। मूडीज के हिसाब से भारत मंदी की ओर बढ़ रहा है, साथ ही देश में कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। इससे पहले मूडीज ने पिछले महीने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी का अनुमान घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया था। इससे पहले जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.2 फीसदी था। हालांकि मूडीज ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। वैसे मूडीज का मानना है कि भारती की जीडीपी आगे के वर्षों में 7 फीसदी के ऊपर भी निकल सकती है।
मूडीज ने ये बताईं वजह
मूडीज के सॉवरेन रिस्क ग्रुप के वाइस प्रेसीडेंट विलियम फोस्टर ने रेटिंग घटाते हुए कहा है कि भारत में ग्रामीण इलाकों में आर्थिक तनाव है। इसके अलावा कम नौकरियों की वजह से यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह इस समस्या से निपटने के लिए कैसे काम करती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही मंदी बनी रही, तो लोगों की जीवन शैली और आमदनी पर असर पड़ेगा। इसके अलावा सरकार के लिए बड़े निवेश करना भी कठिन हो जाएगा।
सरकार पर दबाव बढ़ा
मूडीज के रेटिंग घटाने के बाद भारत के ऊपर दबाव बढ़ जाएगा। हालांकि सरकार आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए सितंबर में कॉरपोरेट टैक्स में कटौती जैसे कदम उठा चुकी है। हालांकि सरकार को घाटे को कम करना और कर्ज के बोझ को कम करने के लिए अभी काफी काम करना होगा।
निवेशक जीडीपी पर भी ध्यान देते हैं
मूडीज का कहना है कि निवेशक किसी भी देश में छाए लंबे समय तक आर्थिक सुस्ती को देखते हैं। साथ ही जीडीपी पर खासतौर से ध्यान देते हैं। वहीं अन्य रेटिंग एजेंसियों ने अभी भारत की रेटिंग को नहीं बदला है। फिच और एसएंडपी ने भारत की रेटिंग को स्थिर रखा हुआ है।


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