अंतराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वर्ष 2020 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को घटा दिया है। जी हां मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भारत के वृद्धि दर अनुमान को घटाक
नई दिल्ली: अंतराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वर्ष 2020 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को घटा दिया है। जी हां मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने मंगलवार को कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए भारत के वृद्धि दर अनुमान को घटाकर 0.2 फीसदी कर दिया। कह सकते है कि कोरोना संकट का भारतीय इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इन आशंकाओं पर दुनियाभर की रेटिंग एजेंसियां भी मुहर लगा रही है। बीते दिनों फिच रेटिंग्स ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया था और अब मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भी झटका दिया है। मूडीज के नए अनुमान के मुताबिक कैलेंडर ईयर 2020 भारत का जीडपी ग्रोथ 0.2 प्रतिशत रहेगा। इससे पहले, मार्च में मूडीज ने इसके 2.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई थी। मूडीज को उम्मीद है कि 2021 में भारत की वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत रह सकती है।

जानिए क्या कहा मूडीज ने ?
इसके साथ ही मूडीज ने रिपोर्ट में कहा है कि भारत ने लॉकडाउन को 21 दिनों से बढ़ाकर 40 दिनों तक कर दिया, लेकिन अब कृषि कार्यों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ छूट दी गई है। देश ने यह सुनिश्चित किया कि उसके कई हिस्से वायरस से मुक्त रहें। भारत ने विभिन्न क्षेत्रों को खोलने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है। मूडीज की रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि जी20 देशों की वृद्धि दर में सामूहिक रूप से 5.8 प्रतिशत की कमी होगी। अनुमान है कि 2020 में चीन की वृद्धि दर एक प्रतिशत रह सकती है।
रेटिंग एजेंसी फिच ने किया अलर्ट
इस बीच, वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा है कि अगर कमजोर वृद्धि या वित्तीय मानदंडों में ढील से भारत के फाइनेंशियल आउटलुक की स्थिति बिगड़ती है तो रेटिंग पर दबाव आएगा। फिच ने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के साथ ही आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए भारत सरकार वित्तीय क्षेत्र में नये प्रोत्साहन उपायों की घोषणा कर सकती है। ऐसी स्थिति में उसकी भारत की रेटिंग का आकलन संकट बाद के माहौल पर किया जाएगा।


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