
Money Market Timing : भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 7 दिसंबर 2022 को 2022 के लिए अपनी आखिरी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स और कंज्यूमर्स के साथ-साथ भारत के वित्तीय बाजारों (फाइनेंशियल मार्केट्स) के लिए कई नये डेवलपमेंट्स की घोषणा की। आरबीआई ने धीरे-धीरे सामान्य लिक्विडिटी संचालन की ओर बढ़ने और मार्केट घंटों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बहाल करने का फैसला किया। इसके अलावा, आरबीआई ने अब रेसिडेंशियल भारतीयों को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में स्थित पात्र और मान्यता प्राप्त एक्सचेंजों में अपने सोने के पोर्टफोलियो को हेज करने की भी सुविधा दी है। फिलहाल आईएफएससी गांधीनगर, गुजरात में एक डेजिग्नेटेड एरिया है।
शाम 5 बजे तक हो गया समय
आरबीआई ने कहा कि सामान्य लिक्विडिटी ऑपरेशन की ओर धीरे-धीरे बढ़ने के प्लान के तहत अब बाजार के घंटों को पहले की तरह, यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बहाल करने का निर्णय लिया गया है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह मार्केट टाइमिंग खास कर कॉल / नोटिस / टर्म मनी, कमर्शियल पेपर, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, करेंसी मार्केट के कॉर्पोरेट बॉन्ड सेगमेंट में रेपो, साथ ही रुपया ब्याज दर डेरिवेटिव के लिए है।
आरबीआई लेगा जायजा
हालांकि रिज़र्व बैंक अभी एब्सॉर्प्शन मोड में है। इसने कहा कि हम लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (एलएएफ) ऑपरेशंस के लिए तैयार हैं जो हमारे मुख्य ऑपरेशंस के जरिए आवश्यक लिक्विडिटी को इंजेक्ट कर सकते हैं। बाजार के समय को बहाल करने के इस कदम को सही ठहराते हुए, आरबीआई ने कहा कि ओवरऑल सिस्टम लिक्विडिटी सरप्लस में बनी हुई है। अक्टूबर 2022 से नवंबर 2022 की अवधि के दौरान, एलएएफ के तहत औसत कुल एबसॉर्प्शन 1.4 लाख करोड़ रुपये रहा।
एवरेज एब्सॉर्प्शन का आंकड़ा
अक्टूबर-नवंबर की अवधि के लिए एब्सॉर्प्शन का आंकड़ा अगस्त-सितंबर की अवधि से कम रहा, जो औसतन 2.2 लाख करोड़ रुपये रहा। सरकारी सिक्योरिटीज में ट्राई-पार्टी रेपो की टाइमिंग पहले की तरह 9 से 3 बरकरार रहेगी।
बेहतर होगी लिक्विडिटी स्थिति
आरबीआई ने कहा कि आगे के समय में, कई फैक्टरों के कारण लिक्विडिटी स्थिति में सुधार होने की संभावना है, जिसमें त्योहार के बाद की अवधि में सर्कुलेशन में करेंसी में कमी, वित्तीय वर्ष के आखिरी कुछ महीनों में सरकारी खर्च में तेजी शामिल है। साथ ही पोर्टफोलियो निवेशकों की वापसी के कारण हाई विदेशी करेंसी फ्लो भी एक कारण है। बाकी जानकारों का मानना है कि मार्केट टाइमिंग सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बहाल करना ट्रेडर्स को तरीके से पूरी तरह से ट्रेडिंद एक्टिविटिज में शामिल होने में मदद करेगा।
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