
Money Idea : वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना शुरू हो गया है। एक वित्त वर्ष खत्म होने और निवेश के कई ऑप्शनों की डेडलाइन के कारण मार्च का महीना फाइनेंस के लिए बहुत महत्वपूर्ण महीना होता है। यदि आप मार्च के बाद तक इन चीजों के लिए इंतजार करते हैं, तो आप वित्त वर्ष 2022-23 के लिए टैक्स सेविंग्स निवेश का फायदा नहीं ले पाएंगे। कुछ डेडलाइन इस महीने के लिए ऐसी हैं, जिनके चूकने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है। मार्च 2023 समाप्त होने से पहले इन कामों को निपटाना जरूरी है। आइए कुछ ऐसे ही जरूरी फाइनेंशियल डेडलाइंस के बारे में यहां जानते हैं।
पैन-आधार लिंकिंग है जरूरी
वे स्थायी खाता संख्या (पैन) नंबर जो मार्च 2023 के अंत तक आधार से लिंक होंगे, "निष्क्रिय" हो जाएंगे। भारतीय आयकर प्रशासन ने दिसंबर 2022 के नोटिस में इस बात को लेकर चेतावनी दी थी। अगर इस डेडलाइन तक पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया जाता है, तो इसके लिए आपको 1,000 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। ये पैसा आपसे बतौर जुर्माना लिया जाएगा।
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आईटीआर फॉर्म अपडेट करें
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए संशोधित आयकर रिटर्न (आईटीआर) की डेडलाइन 31 मार्च, 2023 है। इस लिहाज से टैक्सपेयर्स संशोधित आईटीआर या आईटीआर-यू दाखिल कर सकते हैं, यदि वे रेलेवेंट फाइनेंशियल ईयर के लिए फाइल करने में विफल रहे हैं या किसी आय का खुलासा नहीं कर पाए हैं।
टैक्स सेविंग्स निवेश
वित्त वर्ष 2022-23 के लिए टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट की डेडलाइन 31 मार्च, 2023 है। आम तौर पर प्राइमरी गोल टैक्स देनदारी को कम करना और बचत को बढ़ाना होता है। इसीलिए टैक्स प्लानिंग फाइनेंशियल प्लानिंग के महत्वपूर्ण फैक्टर्स में से एक है।
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना
प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में निवेश, वरिष्ठ व्यक्तियों को उनके रिटायरमेंट के बाद गारंटीड एन्युटी देने के लिए एक इंश्योरेंस-क्यूमेलेटिव पेंशन योजना है, जो कि 31 मार्च, 2023 तक खुली हुई है। इस योजना में निवेशकों को 8 प्रतिशत की दर से दस वर्षों के लिए गारंटीड पेंशन प्राप्त होती है। ये पेंशन 1,000 रुपये से लेकर 9,250 रुपये प्रति माह तक हो सकती है।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के फायदे
- पॉलिसीधारक को पॉलिसी की अवधि के दौरान हर साल 8 प्रतिशत का सुनिश्चित रिटर्न मिलेगा
- यदि पॉलिसीधारक पॉलिसी अवधि के दौरान जीवित रहे तो, पेंशन का भुगतान बकाया राशि में किया जाएगा
- यदि पॉलिसीधारक की इस अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है तो पॉलिसी का खरीद मुल्य नॉमिनी को लौटा दिया जाता है
- यदि पॉलिसीधारक पॉलिसी अवधि में जीवित रहे तो पॉलिसीधारक को खरीद मूल्य के अलावा अंतिम पेंशन किस्त भी दी जाएगी
- पॉलिसी खरीदने के तीन साल बाद पॉलिसीधारक पॉलिसी पर लोन भी ले सकता है। पर ध्यान रहे कि लोन की ब्याज दर 10 प्रतिशत सालाना तक है। इस योजना की लोन सुविधा काफी लोकप्रिय भी है
- आप इस पॉलिसी को 15 दिन के भीतर रद्द कर सकते हैं। साथ ही यह पॉलिसी ऑनलाइन भी मिल सकती है
- पॉलिसी लेते समय आवेदक की आयु कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए


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