Mohd Zama Khan Net Worth: बिहार के सत्ता में नीतीश कुमार की एक बार फिर वापसी हुई है। 2025 के बिहार चुनाव में जीत के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ समारोह में कई अहम चेहरों ने शिरकत की और इसके साथ ही उनकी नई मंत्रिपरिषद की तस्वीर भी साफ हो गई है। इस नए मंत्रिमंडल में कुल 26 मंत्रियों को जगह दी गई है, जिसमें बीजेपी, जेडीयू और सहयोगी दलों के नेताओं का संतुलित मिश्रण नजर आ रहा है।

अल्पसंख्यक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
इस बार मंत्रिमंडल में जातीय, क्षेत्रीय और अल्पसंख्यक संतुलन को खास महत्व दिया गया है। कैमूर जिले के चैनपुर से विधायक जमा खान एक बार फिर मंत्री बनाए गए हैं, जो नीतीश सरकार में एक अहम चेहरा माने जाते हैं। अल्पसंख्यक समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ और क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देखते हुए जेडीयू ने उन्हें दोबारा कैबिनेट में जगह दी है।
जमा खान एक अनोखी सामाजिक पृष्ठभूमि वाले नेता
जमा खान का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। कैमूर के नौघरा गांव में जन्मे खान ने अपनी पढ़ाई वाराणसी में पूरी की उनका परिवार पहले हिंदू राजपूत था, जिसने बाद में इस्लाम धर्म अपनाया। इस कारण जमा खान अक्सर दोनों समुदायों के बीच एक सेतु की तरह काम करते दिखाई देते हैं।
2005 में बसपा से चुनावी राजनीति की शुरुआत करने के बाद उन्हें लगातार तीन बार हार का सामना करना पड़ा। लेकिन 2020 में उन्होंने पहली बार जीत दर्ज की और चर्चा में आए। बाद में उन्होंने जेडीयू जॉइन की और उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया। 2025 की नई सरकार में दोबारा मंत्री बनना साफ दिखाता है कि जेडीयू उनके काम से संतुष्ट है।
संपत्ति और आर्थिक स्थिति साधारण
जमा खान ने चुनावी हलफनामे में लगभग 1.57 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। इसमें कुछ जमीन-जायदाद, बैंक बैलेंस और घरेलू संपत्तियाँ शामिल हैं। उन पर लगभग 16.8 लाख रुपए का कर्ज भी दर्ज है। यह बताता है कि वे किसी बड़े कारोबारी पृष्ठभूमि से नहीं बल्कि एक साधारण आर्थिक स्थिति वाले नेता हैं।
नई कैबिनेट में कुल 26 मंत्री
एनडीए की नई सरकार में भाजपा, जेडीयू और सहयोगी दलों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व दिया गया है। भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं विजय चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और बृजेंद्र यादव को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
नई सरकार से जनता की उम्मीदें
नीतीश कुमार के लिए यह कार्यकाल काफी अहम माना जा रहा है। एनडीए ने चुनाव के दौरान बड़े वादे किए थे, जैसे रोजगार बढ़ाना, शिक्षा में सुधार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और तेज स्पीड से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार। अब लोगों की नजरें इस बात पर होंगी कि सरकार इन वादों को कितनी तेजी से पूरा करती है।


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