नई दिल्ली। केन्द्र की मोदी सरकार ने कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान कई योजनाओं के तहत 39000 करोड़ रुपये लोगों को सीधे खाते में डाले हैं। यह पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के तहत लोगों के खाते में भेजा गया है। लॉकडाउन के दौरान 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण' लागू की गई थी, और उसी के तहत जरूरतमंदों को यह मदद पहुंचाई गई है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने जारी एक वक्तव्य में दी है।
26 मार्च को घोषित हुआ था पैकेज
केन्द्र की मोदी सरकार ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान गरीबों की मदद के लिए 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण' की घोषणा की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 मार्च को 1.70 लाख करोड़ रुपये के इस पैकेज की घोषणा की थी। इसके तहत सरकार ने गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न के साथ महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को नकद भुगतान देने की घोषणा हुई थी। वित्त मंत्रालय के अनुसार वह पैकेज बांटने के दौरान नियमित निगरानी कर रही हैं। बयान के मुताबिक संबंधित मंत्रालय, केंद्रीय सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय जरूरतमंदों तक मदद पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी को एक अप्रैल से प्रभावी बना दिया गया है। इन सबसे चालू वित्त वर्ष में 5.97 करोड़ मानव श्रमदिवस सृजित किये गये।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 8.19 करोड़ लोगों को मदद
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) के तहत 8.19 करोड़ लाभार्थियों को 5 मई 2020 तक इस वित्तीय वर्ष की पहली किस्त के तौर पर कुल 16,394 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इन के खातों में सीधे 2,000 रुपएयेकी वित्तीय मदद पहुंचाई गई है।
महिला जनधन खातों में भेजे गए पैसे
इसी तरह 20.05 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में 500 रुपये की पहली किस्त के तौर पर 10,025 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। इसमें से करीब 8.72 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों ने खातों से निकासी भी की। वहीं, 5.57 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खाते में दूसरी किस्त के तौर पर कुल 2,785 करोड़ रुपये भेजे गए।
वरिष्ठ नागरिकों को एनएसएपी के तहत दी मदद
इसके अलावा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत 2.82 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों को 1,400 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को पहली किस्त के रूप में 500 रुपये की अनुग्रह राशि दी गई है। 500 रुपये की दूसरी किस्त इस महीने के दौरान खाते में भेजी जाएगी।
16 लाख टन खाद्यान्न का वितरण किया
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अप्रैल के लिए 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 67.65 लाख टन खाद्यान्न उठाया है। इनके 60.33 करोड़ लाभार्थियों को अप्रैल के लिए 16 लाख टन खाद्यान्न का वितरण किया गया। इसके अलावा मई 2020 के लिए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 12.39 करोड़ लोगों को छह लाख टन खाद्यान्न वितरित किया जा चुका है। बयान के अनुसार 2.42 लाख टन दालें भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास पहुंचायी गयीं। इसका लाभ पाने वाले 19.2 करोड़ लाभार्थियों में से 5.21 करोड़ को दालें भी वितरित की गयी हैं। इसी तरह कर्मचारी भविष्य निधि संगठप (ईपीएफओ) के 9.6 लाख उपयोक्ताओं ने अपने खातों से 2,985 करोड़ रुपए के अग्रिम की ऑनलाइन निकासी का लाभ उठाया है।
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