सरकार के एक बड़े फैसले के बाद कंटेनर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। केंद्र सरकार ने कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम (CMPS) को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ₹10,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका मकसद भारत में कंटेनर का घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता घटाना और देश को कंटेनर निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस घोषणा के बाद Jupiter Wagons, Kalyani Cast-Tech और DCM Shriram Industries के शेयर निवेशकों के रडार पर आ गए।

कंटेनर का इस्तेमाल जहाज, रेल और सड़क के जरिए सामान की ढुलाई में होता है। वैश्विक व्यापार में इनकी अहम भूमिका है, लेकिन भारत में कंटेनर निर्माण की क्षमता सीमित रही है। सरकार अब घरेलू उत्पादन बढ़ाकर इस क्षेत्र में देश की निर्भरता कम करना चाहती है। 28 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी।
इसके तहत वित्त वर्ष 2039-40 तक ₹10,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य भारत की सालाना कंटेनर निर्माण क्षमता को करीब 10 गुना बढ़ाकर 7.5 लाख TEU तक पहुंचाना है। TEU का मतलब 20 फुट लंबे एक कंटेनर के बराबर क्षमता से है।
कंपनियों को कैसे मिलेगा फायदा?
योजना के तहत नई विनिर्माण इकाइयां लगाने और मौजूदा फैक्ट्रियों की क्षमता बढ़ाने वाली पात्र कंपनियों को सहायता दी जाएगी। इसमें ब्याज सहायता, उत्पादन से जुड़ी मदद और कंटेनर की गुणवत्ता जांचने व प्रमाणन की सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि इससे घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
किन शेयरों में आई तेजी?
Kalyani Cast-Tech: कंपनी शिपिंग कंटेनर, विशेष कार्गो कंटेनर और स्टील कास्टिंग बनाती है। योजना से जुड़े अवसरों की उम्मीद में इसके शेयर में तेजी आई। 29 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में शेयर BSE पर 5% के अपर सर्किट के साथ ₹1,210.50 पर पहुंच गया।
Jupiter Wagons: कंपनी रेलवे से जुड़े उत्पादों के साथ मरीन कंटेनर और विशेष कंटेनर कारोबार में भी मौजूद है। घरेलू कंटेनर निर्माण को प्रोत्साहन मिलने से कंपनी के लिए कारोबार बढ़ाने के अवसर बन सकते हैं। 29 अक्टूबर को शेयर ₹198.10 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा।
DCM Shriram Industries: कंपनी का कंटेनर कारोबार मरीन फ्रेट और विशेष कंटेनर के निर्माण से जुड़ा है। सरकारी योजना से इस क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद ने शेयर को समर्थन दिया। शुरुआती कारोबार में शेयर एनएसई पर 4.75% चढ़कर ₹57.32 तक पहुंचा। हालांकि, योजना से वास्तविक फायदा कंपनियों की पात्रता, उत्पादन क्षमता, नए ऑर्डर और वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। निवेशकों को केवल तेजी देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के नतीजों और शेयर के मूल्यांकन की भी जांच करनी चाहिए।
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