नई दिल्ली। मोदी सरकार का इरादा देश में एक समान व्यवस्था बनाने का है। अब देश पहले जैसा नहीं रहा है। लोग तेजी से एक जगह से दूसरी जगह सिर्फ जा ही नहीं रहे, बल्कि बस भी रहे हैं। कोई नौकरी के नाम पर जा रहा है तो कोई कारोबर के नाम पर। ऐसे में जीएसटी और राशन कार्ड जैसी व्यवस्था को वन नेशन, वन व्यवस्था के तहत पूरे देश में समान कर दिया गया है। इसके बाद अब मोदी सरकार पूरे देश में निजी वाहनों यानी मोटरसाइकिल और कारों पर समान रोड टैक्स की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इस व्यवस्था को तैयार करने का काम शुरू हो गया है। राज्यों से बात हो रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में अन्य जानकारी सामने आएगी।
आइये जानते हैं, लोगों को इस व्यवस्था से क्या फायदा होगा और चोरी कैसे रुकेगी।
रोड टैक्स को लेकर अभी क्या है देश में व्यवस्था
इस वक्त रोड टैक्स सरकारें अपने हिसाब से तय करती हैं। इसके कारण कई राज्यों का अपने पड़ोसी राज्य से रोड टैक्स कम या ज्यादा हो जाता है। ऐसे में इन राज्यों के बार्डर वाले जिलों के लोग उस राज्य से वाहन खरीद लेते हैं, जहां रोड टैक्स कम हो। इससे उस राज्य को नुकसान होता है, जहां ज्यादा रोड टैक्स लिया जाता है। हालांकि नियम यह भी है कि जहां के रहने वाले हो वहीं पर वाहन खरीदा जा सकता है। लेकिन आमतौर पर लोग इस व्यवस्था को तोड़ते हुए दूसरे राज्य से वाहन खरीद देते हैं।
वाहन की कीमत पर असर डालता है यह टैक्स
लोगों को यह रोड टैक्स वाहन को खरीदने के बाद रजिस्ट्रेशन के वक्त देना होता है। इसमें गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी को भी जोड़ा जाता है। इससे वाहन की कीमत और बढ़ जाती है। यह टैक्स राज्यों की आमदनी का बड़ा जरिया है, यही कारण है कि कई राज्य इस व्यवस्था को बदलने के पहले केन्द्र सरकार से अधिक स्पष्टता चाहते हैं। कुछ राज्यों को एक समान रोड टैक्स के प्रस्ताव से इसलिए परेशानी है, क्योंकि इससे उनके रेवेन्यू कलेक्शन पर असर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ राज्यों में रोड टैक्स कम है, वहीं कुछ में ज्यादा। इसके अलावा राज्यों का रोड टैक्स कलेक्शन की गणना का फॉर्मूला भी अलग-अलग होना है। कुछ राज्य जहां गाड़ी के मेकिंग, मॉडल, इंजन और सीटिंग कैपेसिटी को देखकर रोड टैक्स वसूलते हैं, वहीं कुछ राज्य गाड़ियों के सेल प्राइस के हिसाब से रोड टैक्स लेते हैं।
कितना आगे बढ़ चुका है यह प्रस्ताव
मोदी सरकार के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार इसके लिए सरकार राज्य सरकारों को साथ लाने की तैयारी चल रही है। यह यूनिफॉर्म रोड टैक्स प्रस्ताव निजी गाड़ियों के लिए आ जा सकता है। लाइव मिंट अखबार के अनुासर इस अधिकारी ने कहा है कि हाल ही में केंद्र सरकार के साथ हुई मीटिंग में राज्य सरकारों ने इस यूनिफॉर्म रोड टैक्स (एक समान रोड टैक्स) का प्रस्ताव लागू करने को लेकर मंजूरी दे दी है। हालांकि, कुछ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर विचार करने को कहा है, क्योंकि टैक्स रेट में बदलाव करने में कुछ वित्तीय दिक्कतें आ सकती हैं।
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