Modi Government : जल्द ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत कम हो सकती हैं। इसके साथ ही बेहद ही जल्द खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई से भी निजात मिल सकती है। इस पर भारत सरकार कार्य कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय अधिकारी फेडरल डेफिसिट टारगेट को प्रभावित किए बिना फूड और ईंधन की लागत में इजाफा को रोकने के लिए कई अलग-अलग मंत्रालय के बजट से करीब 1 लाख करोड़ रु को पुनः आवंटित करने योजना पर विचार कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आगामी सप्ताहों में एक फैसला ले सकते है। जिसमें स्थानीय गैसोलिन की बिक्री पर टैक्स को कम करने का निर्णय ले सकते हैं। इसके साथ ही इस फैसले में कुकिंग ऑयल और गेहूं पर इंपोर्ट शुल्क को कम करने का फैसला शामिल हो सकता है।
पिछले वर्ष सरकार की 26 अरब डॉलर की योजना के आने के बाद महंगाई को कंट्रोल करने के लिए इसी तरह के समाजोयन का यह दूसरा वर्ष होगा। इससे पहले बीते सप्ताह रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया था। देश की ब्याज दर एशिया की सबसे अधिक ब्याज दरों में से एक है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार के तेल घटाने की खबर सामने आने के बाद गुरुवार को भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के शेयरों की शुरुआती गिरावट कुछ कम हुई थी।
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इस हफ्ते पीएम मोदी की तरफ से राष्ट्र के नाम दिए गए भाषण में महंगाई से लड़ने का संकल्प लिया गया था। अधिकारी इसके बाद से ही इसकी दिशा में काफी तेजी से कार्य कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश का बजट रियलोकेशंस असामान्य नहीं है, लेकिन आरबीआई से हाई डिविडेंट भुगतान और स्थिर टैक्स कलेक्शन, क्योंकि इकोनॉमी दुनिया में सबसे फास्ट स्पीड से बढ़ रही है, करीब 1 ट्रिलियन रु के लेगरूम की अनुमति देती है।
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