नई दिल्ली। कोरोना महामारी फैेसले के बाद लागू लॉकडाउन से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है। अब अनलॉक-1 के साथ धीरे-धीरे कारोबार पटरी पर लौटता लग रहा है। वहीं देश की मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए काफी तेजी से फैसले ले रही है। सरकार का मौजूद वक्त में पूरा फोकस बाजार में मांग बढ़ाने के लिए नकद हस्तांतरण करने पर है। वहीं सरकार इसके साथ ही नौकरियां बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
लोगों को दिया जा सकता है नगद पैसा
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार बाजार में मांग को बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाने के बारे में सोच रही है। इसके लिए बुनियादे ढांचे के विकास की बड़ी योजना बनाई जा रही है। सरकार के 2 वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक अगर जरूरत पड़ी तो जरूरतमंद लोगों को सीधे नकद हस्तांतरण करने पर विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार का पूरा फोकस नौकरियां बढ़ाने पर है।
निजी क्षेत्र भी उम्मीदें
वहीं निजी क्षेत्र खर्च के लिए प्रोत्साहित हों, इसके लिए केंद्र और सार्वजनिक उपक्रम कैपेक्स को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित करने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
वित्त मंत्रालय को मिल चुकी है रिपोर्ट
अधिकारियों के मुताबिक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर की अंतिम रिपोर्ट अप्रैल के अंत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपी जा चुकी है। इस रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020 से लेकर 2025 तक 111 ट्रिलियन रुपये का निवेश बुनियादी ढांचे के लिए होने का अनुमान है। जिसमें से 40 प्रतिशत केंद्र और राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक वित्त मंत्री ने अधिकांश निवेश दो-तीन सालों में होने की उम्मीद जताई है। इससे पहले मोदी कैबिनेट ने इंपावर्ड ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज और प्रोजेक्ट डेवल्पमेंट सेल्स की स्थापना को मंजूरी दी थी। वहीं दूसरे अधिकारी ने बताया कि सरकार जनधन खातों में नकद हस्तांतरण बढ़ाने पर चर्चा कर रही है। फिलहाल इसे जून तक बढ़ाया गया है।


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