नई दिल्ली, सितंबर 6। बाजरा अब वैश्विक स्तर पर पहुंचने के लिए तैयार हैं। कर्नाटक की पहल के साथ-साथ इस पोषक तत्वों से भरपूर फसल के लिए अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने के केंद्र के प्रयासों को सफलता मिली है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हाल ही में भारत द्वारा प्रायोजित और 70 से अधिक देशों द्वारा सपोर्ट किए गए एक प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसमें 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष घोषित किया गया। मगर इसमें आपका क्या फायदा? आपका फायदा है और वो यह है कि आप अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष से जुड़ी एक प्रतियोगिता में 50000 रु जीत सकते हैं। इस प्रतियोगिता के लिए आवेदन घर बैठे ही किया जा सकता है।
क्या है प्रतियोगिता
भारत सरकार इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 पर एक उपयुक्त लोगो और स्लोगन/टैगलाइन जारी करेगी। आपको इसी के लिए एक लोगो और स्लोगन/टैगलाइन तैयार करनी है। ये दो अलग-अलग प्रतियोगिताएं हैं, जिनमें दोनों के लिए अधिकतम 50-50 हजार रु का इनाम रखा गया है। ध्यान रहे कि आवेदन की अंतिम तारीख 17 सितंबर है।
कितना मिलेगा इनाम
लोगो और स्लोगन/टैगलाइन दोनों कैटेगरियों के लिए 3-3 इनाम हैं। दोनों ही श्रेणियों में पहला इनाम 50 हजार रु, दूसरा 25 हजार रु और तीसरा इनाम 10 हजार रु का है। नियम और शर्तें जानने के लिए आप इस लिंक (https://static.mygov.in/rest/s3fs-public/mygov_163064790551553221.pdf) पर जा सकते हैं। कॉम्पिटीशन की डिटेल यहां (https://www.mygov.in/task/logo-and-slogantagline-contest-international-year-millets-2023/) दी गयी है।
कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
अगर आप इस लोगो और स्लोगन/टैगलाइन कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेना चाहते हैं तो myGov.in पोर्टल पर जाएं। फिर 'लॉग इन टू पार्टिसिपेट' टैब पर क्लिक करें। फिर आपको रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सारी डिटेल्स भरनी होगी। रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाए तो आपको अपनी एंट्री करनी होगी। डायरेक्ट आवेदन के लिए आप इस लिंक (https://auth.mygov.in/user/login?destination=oauth2/authorize) पर जा सकते हैं।
क्या है मकसद
बाजरे को लेकर रखे गए प्रस्ताव के पीछे का संकल्प बाजरा के स्वास्थ्य लाभों और का जलवायु परिवर्तन के हिसाब से कठिन परिस्थितियों में खेती के लिए उनकी उपयुक्तता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस मामले में कर्नाटक के पूर्व कृषि मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के नेतृत्व में काफी प्रयास किए गए थे। केंद्र, जो इस तरह के प्रस्ताव को लेकर आश्वस्त था, ने अन्य देशों के बीच आम सहमति बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
बाजरे के फायदे
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार टी.एन. प्रकाश कम्माराडी, कृषि अर्थशास्त्री और कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष के मुताबिक बाजरा के जलवायु, पोषण और सांस्कृतिक के तीन अलग-अलग आयाम हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये जलवायु के हिसाब से लचीले हैं और शुष्क भूमि पर खेती के लिए उपयुक्त हैं। इसी तरह इनमें उच्च पोषण होता है। तीसरे वे संस्कृति से भी संबंधित हैं क्योंकि ये भोजन का हिस्सा रहा है। इससे पहले सरकार एक और कॉम्पिटीशन लाई थी, जिसमें 15 लाख रु जीतने का मौका था। पिछली बार डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (डीएफआई) के लिए "नाम, टैगलाइन और लोगो" प्रतियोगिता में भाग लेना है। MyGovIndia द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार आपको प्रत्येक कैटेगरी में 5,00,000 रु का नकद पुरस्कार जीतने का मौका था।


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