नयी दिल्ली। देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या को लेकर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने नए आंकड़े जारी किए हैं। ये आंकड़े मई 2020 के हैं। मई 2020 में ग्राहकों की संख्या के लिहाज से एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को नुकसान हुआ, जबकि देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो फायदे में रही। इसके अलावा इस अवधि में सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल को भी फायदा हुआ। इतना ही नहीं लॉकडाउन के कारण कामगारों के शहरी इलाकों से निकल कर ग्रामीण इलाकों में लौटने से 2जी, 3जी और 4जी सहित वायरलेस ग्राहकों की संख्या में भी 0.5 फीसदी की गिरावट आई।
एयरटेल-वोडा को भारी नुकसान
मई 2020 में भारती एयरटेल को 47.4 लाख ग्राहकों का नुकसान हुआ, जबकि वोडाफोन आइडिया के ग्राहक आधार में 47.3 लाख की गिरावट दर्ज की गई। मगर इस बीच जियो को ग्राहकों की संख्या में 37 लाख का इजाफा हुआ। ट्राई के अनुसार मई में कुल वायरलेस ग्राहकों की संख्या में 56.1 लाख की कमी आई। शहरी क्षेत्रों में वायरलेस उपयोगकर्ताओं की संख्या अप्रैल के अंत में 62.9 करोड़ से गिरकर 31 मई तक 62 करोड़ रह गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रैल में यह 52 करोड़ थी, जो 31 मई तक बढ़ कर 52.3 करोड़ हो गई। यानी ग्रामीण इलाकों में वायरलेस ग्राहकों की संख्या मं 0.70 फीसदी की वृद्धि हुई।
बीएसएनएल ग्राहकों की संख्या बढ़ी
मई में बीएसएनएल ने नए 2.01 लाख ग्राहक जोड़े। गौरतलब है कि मई में ग्राहकों की संख्या में गिरावट से अप्रैल का ट्रेंड बरकरार रहा। अप्रैल में टेलीकॉम कंपनियों को 82 लाख ग्राहकों का नुकसान हुआ था। जानकार कहते हैं कि कोरोना से संबंधित लॉकडाउन के नतीजे में बड़ी आबादी शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों में गई, जो जून तिमाही में टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स घटने का एक बड़ा कारण रहा। इसके अलावा लोगों की नौकरी जाने और जिन लोगों के पास एक से अधिक सिम थी उनके द्वारा डिएक्टिवेशन भी इसकी अहम वजह रही।
कितने ग्राहकों ने बदला नंबर
ट्राई के अनुसार मई में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) का अनुरोध करने वालों की संख्या 29.8 लाख रही। इसके साथ ही एमएनपी व्यवस्था शुरू करने के बाद से ऐसा अनुरोध करने वालों की संख्या अप्रैल 2020 के अंत में 48.82 करोड़ से मई 2020 तक बढ़ कर 49.12 करोड़ हो गई। भारत के लैंडलाइन नेटवर्क पर भी मई के दौरान ग्राहकों की संख्या घटी। अप्रैल के अंत में कुल फिक्स्ड-लाइन ग्राहकों की संख्या 1.99 करोड़ थी, जो 31 मई तक घट कर 1.97 करोड़ रह गई। सरकार मजबूत फिक्स्ड लाइन इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने की कोशिश कर रही है जिससे कनेक्टिविटी को गति मिलेगी और देश के दूरदराज क्षेत्रों में 4जी सेवाओं को सक्षम बनाया जा सकेगा। कोरोना लॉकडाउन के दौरान डेटा की खपत बढ़ी है, जिससे कनेक्टिविटी में सेवाओं में गैप और चुनौतियों सामने आई हैं।
More From GoodReturns

इंडिपेंडेंस डे स्पेशल FD: आज रात खत्म हो रहा है निवेश का मौका, पैसा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

IPO बंद होने का आखिरी मौका: आज शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना अटक सकता है पैसा



Click it and Unblock the Notifications