नई दिल्ली, अगस्त 18। प्रमुख दूध ब्रांड्स अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। हाल ही में अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो 17 अगस्त से लागू हो गए हैं। दोनों कंपनियों ने बढ़ती लागत के कारण दूध की कीमतों में 2 रु प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है। इन दोनों ही ब्रांडों की तरफ यह छह महीने में दूध के दामों में की गयी दूसरी बढ़ोतरी है। अगस्त से पहले मार्च में दोनों ब्रांड्स ने दूध की कीमतों में 2 रुपये की वृद्धि की थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) अमूल ब्रांड के तहत अपने डेयरी उत्पाद बेचती है। इसने एक बयान में कहा था कि दूध की नई कीमतें 17 अगस्त से गुजरात, दिल्ली एनसीआर, पश्चिम में अहमदाबाद, सौराष्ट्र क्षेत्र, बंगाल, मुंबई और अन्य सभी बाजार जहां अमूल दूध बेचा जाता है, में लागू होंगी। मगर क्या आप क्या जानते हैं कि दूध की कीमत इस समय सबसे कम कहां है। आगे जानिए इसकी पूरी डिटेल।
भारत के इस शहर में सबसे सस्ता दूध
भारत में सबसे सस्ता दूध बेंगलुरु शहर में मिलता है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आईटी राजधानी या सिलिकॉन वैली यानी बेंगलुरु में उपभोक्ताओं को 'नंदिनी' (कर्नाटक सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ या केएमएफ का ब्रांड) टोंड और फुल-क्रीम दूध क्रमश: केवल 38 रुपये और 46 रुपये में मिलता है। ये प्रति लीटर का रेट है।
दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में रेट
दिल्ली, मुंबई और कोलकाता और उनके आसपास के क्षेत्रों में अमूल के 'टोन्ड' और 'फुल-क्रीम' दूध की कीमत 2 रुपये बढ़ कर क्रमश: 52 रुपये और 62 रुपये प्रति लीटर हो गयी है।
चेन्नई और हैदराबाद के रेट
वहीं चेन्नई और हैदराबाद में, इन दो शहरों में स्थानीय डेयरी सहकारी समितियां जिन्हें क्रमश: 'आविन और विजया' ब्रांड के नाम से जाना जाता है, टोंड दूध क्रमश: 40 रु प्रति लीटर और 52 रु प्रति लीटर और फुल क्रीम दूध क्रमश: 48 रुपये और 66 रुपये प्रति लीटर बेच रही हैं।
बेंगलुरु में क्यों है दूध सस्ता
बेंगलुरु में सस्ते दूध का संबंध कर्नाटक सरकार से है। दरअसल कर्नाटक सरकार डेयरी यूनियनों को किसानों से दूध खरीद की दर पर इन्सेंटिव दे रही है। ये इन्सेंटिव 2008 से ही दिया जा रहा है। सबसे पहले मौजूदा मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की सरकार ने ही इसकी शुरुआत की थी। तब इन्सेंटिव 2 रुपये प्रति लीटर हुआ करता था। 2013 में कांग्रेस की सरकार ने इसे बढ़ाया और 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया। फिर येदियुरप्पा एक और बार मुख्यमंत्री बने तो इसे बढ़ा कर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया।
2013 में आयी नयी योजना
अगस्त 2013 में कांग्रेस के सिद्धारमैया के प्रशासन ने एक क्षीरा भाग्य योजना शुरू की। इसके तहत, सरकारी / सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 64 लाख बच्चों और प्री-स्कूल 'आंगनवाड़ी' केंद्रों में 40 लाख बच्चों को रोजाना 150 मिलीलीटर मुफ्त दूध दिया जाता था। ये शुरू में हफ्ते में तीन दिन के लिए था, जिसे बाद में बढ़ा कर सप्ताह के पांच दिनों के लिए कर दिया गया। क्षीरा भाग्य योजना के तहत प्रतिदिन खपत 10 लाख लीटर की थी।


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