हवाई जहाजों से लौट रहे प्रवासी मजदूर, जानिए कौन उठा रहा खर्चा

नयी दिल्ली। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए मार्च में पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था। लॉकडाउन लगते ही देश के बहुत से राज्यों के प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट गए थे। मई से लॉकडाउन में ढील दी गई। इसी ढील के चलते ये मजदूर वापस उन राज्यों में काम पर लौट रहे हैं जहां उन्हें रोजगार मिला हुआ था। मगर इन प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने की कहानी थोड़ी दिलचस्प है। ये प्रवासी मजदूर असल में हवाई जहाज से वापस आ रहे हैं। 60 प्रवासी श्रमिकों का एक समूह कुछ दिनों पहले पटना से उड़ान भरने के बाद बैंगलोर को केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) पर उतरा। लॉकडाउन के दौरान वापस चले गए लोगों को फिर से लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। ये सभी 60 लोग पहली बार फ्लाइट में बैठने वाले यात्री थे। सेवा सिंधु पंजीकरण के अनुसार वे लॉकडाउन के दौरान एक श्रमिक ट्रेन से बैंगलोर से गए थे।

कौन उठा रहा फ्लाइट टिकट का खर्च

कौन उठा रहा फ्लाइट टिकट का खर्च

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रवासी मजदूरों को वापस लाने का काम बिल्डरों की तरफ से कंस्ट्रक्शन एजेंट्स कर रहे हैं। बैंगलोर के बिल्डर शहर में अपनी 500 परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक हैं। केआईए के मुताबिक पिछले दो हफ्तों से प्रवासी श्रमिक पटना, दिल्ली और लखनऊ से घरेलू उड़ानों से शहर में पहुंच रहे हैं। केआईए में विशेष ड्यूटी पर मौजूद एक अधिकारी के अनुसार ये सभी पहली बार उड़ने वाले श्रमिक हैं, जो सरकार द्वारा मुफ्त में चलाई जाने वाली श्रमिक ट्रेनों पर सवार होकर लौटे थे।

2000 कामगार आए वापस

2000 कामगार आए वापस

पिछले कुछ हफ्तों में 2,000 से अधिक श्रमिकों वापस आए हैं। मगर सभी को आइसोलेशन में रखा जा रहा है। ज्यादातर मामलों में ये लोगों के एडरेस सर्जापुर, व्हाइटफील्ड और बेंगलुरु के अन्य हिस्सों में निर्माणाधीन इमारतों के हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ बिल्डर, जिन्हें ग्राहकों से पेमेंट मिल गई है, वे उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बेताब हैं जो मार्च से रुकी हुई हैं। एक अनुमान के मुताबिक 3.8 लाख प्रवासियों ने लॉकडाउन के बाद राज्य छोड़ दिया था और इनमें लगभग 2 लाख अधूरे 558 स्थलों पर काम करने वाले निर्माण मजदूर थे।

मजदूरों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर

मजदूरों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर

ट्रेन सेवाओं के फिर से शुरू होने तक श्रमिकों का फ्लाइट से आना जारी रहेगा। इस बीच स्थानीय कंस्ट्रक्शन एजेंट श्रमिकों को आकर्षक वेतन देने का वादा कर रहे हैं और उन्हें बेंगलुरु लौटने के लिए मना कर रहे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार बिल्डरों के लिए फ्लाइट के किराए का खर्च ज्यादा नहीं होता है।

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