Microsoft Layoff: माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन ने कुछ हफ्ते पहले ही 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। जिसके बाद एक बार फिर इस कंपनी से हजारों कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। फिलहाल, कंपनियां AI जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश कर रही हैं, लेकिन लागत घटाने के लिए स्टाफ कम कर रही हैं। AI के बढ़ते प्रभाव ने टेक इंडस्ट्री के जॉब मार्केट को हिला कर रख दिया है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, Microsoft के प्रवक्ता ने कहा कि यह छंटनी पिछले महीने घोषित 6,000 नौकरियों की कटौती के अलावा हुई है।

कंपनी ने दी ये जानकारी
कंपनी प्रवक्ता के मुताबिक,"हम ऐसे बदलाव कर रहे हैं जो कंपनी को तेजी से बदलते बाजार में सफल बनाने के लिए जरूरी हैं।" कंपनी AI में भारी निवेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा रही है। कंपनियां अब AI से जुड़े रोल्स को प्राथमिकता दे रही हैं और बाकी सेक्टर्स में लागत बचाने के लिए हायरिंग कम कर दी है या बंद करने की तैयारी कर हैं।
एआई का बढ़ा इस्तेमाल
Microsoft, Meta जैसे बड़े टेक प्लेयर्स ने बताया है कि AI सेंटर्ड कोडिंग टूल्स की मदद से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम तेजी से हो रहा है, जिससे कम संसाधनों में ज्यादा काम मुमकिन हो पा रहा है। Salesforce ने भी पिछले हफ्ते कहा कि AI के इंटरनल इस्तेमाल से उन्हें कम लोगों को हायर करना पड़ रहा है, यानी AI की वजह से कर्मचारियों की जरूरत कम हो रही है।
माइक्रोसॉफ्ट की छंटनी का सबसे ज्यादा असर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर पड़ा था। सोमवार को किन नौकरियों पर असर पड़ा, यह साफ नहीं हो पाया है। जून 2024 तक कंपनी में लगभग 2,28,000 फुल-टाइम कर्मचारी थे, जिनमें से 55% अमेरिका में काम करते थे।
सीईओ ने बताया क्यों निकाले गए 6000 कर्मचारी?
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने हाल ही में कंपनी में हुई छंटनी पर बात करके जानकारी दी। उन्होंने बताया था कि करीब 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की गई, जो कि कुल वर्कफोर्स का लगभग 3 प्रतिशत है। ये कदम किसी की परफॉर्मेंस की वजह से नहीं, बल्कि कंपनी के रीऑर्गनाइजेशन यानी इंटरनल रीऑर्गनाइजेशन की वजह से उठाया गया है।


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