Micron : देश कम से कम 4 असेंबली लाइनों के साथ एक आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) यूनिट को स्थापित करने के लिए माइक्रोन द्वारा 3 बिलियन डॉलर के निवेश को मंजूरी देने के लिए तैयार है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, माइक्रोन शुरू में लगभग 2.5 अरब डॉलर का इन्वेस्ट करेगी। इसके साथ ही आने वाले 5 वर्ष की अवधि में और ज्यादा निवेश करने की संभावना है।

यह केंद्र सरकार ने एक ओएसएटी इकाई जिसको असेंबली टेस्टिंग मार्किंग एंड पैकेजिंग इकाई के रूप में भी जाना जाता है जिसकी पहली ऐसी मंजूरी को चिह्नित करेगा। जिसने देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को प्रारंभ करने के लिए 76 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का अनावरण किया है।
विवरण के बारे में एक अधिकारी के मुताबिक, माइक्रोन और सरकारी अधिकारियों के निदेशक मंडल के बीच कई सारे दौर की चर्चा हुई है। माइक्रोन बोर्ड को कहा गया है कि वे अपने प्लांड इन्वेस्टमेंट का विवरण दे। वह जिस क्षमता का निर्माण करना चाहती है और सरकार उसको सहायता करना चाहती है ताकि प्रोसेस को बहुत ही शीघ्र पूरा किया जा सकें।
एटीएमपी/ओएसएटी इकाइयां सेमीकंडक्टर के निर्माण श्रृंखला की एक बहुत ही जरूरी कड़ी हैं। क्योंकि वे सिलिकॉन चिप्स के टेस्टिंग और पैकेजिंग के जरूरी कार्य करती हैं।
आम तौर पर इन इकाइयों को 5 बिलियन डॉलर तक के निवेश की जरूरत होती है। जिसमें 10 बिलियन डॉलर से 15 बिलियन डॉलर तक का निवेश शामिल होता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, माइक्रॉन के प्रस्ताव से वाकिफ लोगों की तरफ से कहा गया है कि इसे पहली बार इस वर्ष मार्च में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत परियोजनाओं की समीक्षा करने वाली एक्सपर्ट कमेटी को सौपा गया था।
एटीएमपी/ओएसएटी श्रेणी में प्रस्तावों को स्वीकार करने की को समय सीमा है वह वर्ष 2024 के दिसंबर के महीने में समाप्त हो रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि समिति ने माइक्रोन की तरफ से पेश किए गए प्रस्ताव को पसंद किया है। उन्होंने बताया कि अभी अंतिम समय में कुछ सावधानी बरती जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह एक कठिन प्रोसेस है क्योंकि कई सारे सार्वजनिक रूपये शामिल है। प्रस्ताव विचाराधीन है और हो सकता है कि बेहद ही जल्द ही मंजूरी दी जाए।


Click it and Unblock the Notifications