नई दिल्ली, अक्टूबर 1। आज के वक्त में कोई भी बड़ा काम हो। उसको करने के लिए लोन की सुविधा दी जाती हैं। लोन लेने वाले को पैसे तो लौटाने होते हैं। उसके साथ ब्याज भी देना होता हैं। बहुत बार ऐसा होता हैं की व्यक्ति लोन को चुका पाने की स्थिति में नहीं होता हैं। अगर आप बैंक से लिए गए लोन को नहीं चुका पाते हैं तो आपको बैंक सेटलमेंट का प्रस्ताव भेजेगी। इस प्रस्ताव में लोन की राशि को भरने की बात होती हैं। इसके साथ ब्याज को माफ करने की भी बात लिखी होती हैं। बता दे ऐसी स्थिति में बैंक बहुत सारे चार्जेस और ब्याज को माफ कर देता हैं। इससे बैंक लोन के पैसे को वसूलने की कोशिश करता हैं। हालांकि इसके लिए ग्राहक बहुत तरीके के ऑप्शन को सिलेक्ट करना होता हैं। चलिए जानते हैं किस ऑप्शन को चुनना चाहिए।
लोन निपटान कभी बंद नहीं होता हैं
जानकारों के अनुसार, ऋण निपटान देने से, जो व्यक्ति लोन लेता हैं। उसको वसूली एजेंट से और एजेंसियों से छुटकारा मिल जाता हैं। व्यक्ति बैंक की शर्तो के मुताबिक बकाया राशि का भुगतान कर देता हैं। मगर लोन निपटान कभी भी बंद नहीं होता हैं। समझना न भूले लोन उस वक्त बंद हो जाता हैं। जब आप कर्ज की सारी किस्त का भुगतान कर देते हैं।
हानि सेटलमेंट करने के
लोन सेल्टलमेंट यानी लोन लेने वाले व्यक्ति के पास पैसे नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होता हैं कि लोन लेने वाले व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर बेहद खराब हो जाता हैं। यदि उधार लेने वाला व्यक्ति 1 से अधिक क्रेडिट खाते का इसी तरह निपटान करता हैं तो फिर उसका क्रेडिट स्कोर बहुत ही अधिक कम हो जाता हैं। जिस वजह से वो लोन लेने वाले व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर आने वाले 7 वर्ष के लिए निष्क्रिय रह सकता हैं। ऐसे में व्यक्ति आने वाले 7 वर्षो तक किसी तरह का कोई भी कर्ज नहीं ले सकता हैं। वह बैंक आपको ब्लैक लिस्ट कर देता हैं।
उपाय क्या हैं इसका
फाइनेंशियल एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आपके पास ऋण निपटान के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं हैं। तब फिर आप इस विकल्प को सिलेक्ट कर सकते हैं। मगर ऐसे में जो खाते को सेटल किया गया हैं। उस खाते को बंद खाते में बदलने का भी ऑप्शन हैं। इसमें आप जब आर्थिक रूप से कर्ज चुकाने के लिए सक्षम हो जाते हैं तब कर्ज को चुका सकते हैं। इसमें आपको बहुत सारी छूट मिल हैं जैसे पेनल्टी और दूसरे चार्जेज। जब आप लोन की राशि को अदा कर देते हैं। उसके बाद आपको बैंक की तरफ से देय भुगतान का प्रमाण पत्र भी मिलता है। इसके बाद बैंक की तरफ से क्रेडिट ब्यूरो को सूचित किया जाता हैं और आपके खाते और बंद कर दिया जाता हैं। इस वजह से आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर कर दिया जाता हैं और जब आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर हो जाता हैं उसके बाद आप दूसरे बैंक से लोन ले सकते हैं।


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