Maruti Suzuki: भारत में कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में आज गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट 24 नवंबर को मारुति सुजुकी के गुजरात प्लांट फैसले से पहले आई है। आपको बताते चलें की कंपनी ने बोर्ड बैठक के बारे में भी खुलासा किया है, इसमें सुजुकी मोटर कार्पोरेशन को प्रेफरेंशियल शेयर एलॉटमेंट की मंजूरी दी जानी है। इस बात का खुलासा होते ही अगले दिन मारुति के शेयर लुढ़क गए। मार्केट बंद होने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इनके शेयर में 0.42 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार मारुति सुजुकी इंडिया द्वारा सुजुकी को 1.23 करोड़ शेयर प्रिफरेंस के आधार पर अलॉट किए जाने हैं। इस प्रस्ताव की जानकारी कंपनी के द्वारा अक्टूबर के महीने में ही दी जा चुकी है। मिली हुई सूचना के मुताबिक कंपनी ने बताया था कि सुजुकी को 5 रुपए की फेस वैल्यू वाले 1.02 करोड़ फुली पेड अप इक्विटी शेयर देने का फैसला किया है।

एक एवरेज के मुताबिक 10420.85 रुपए की कीमत वाले इन शेयर के डील की वैल्यू 12,800 करोड रुपए रहेगी। गौरतलब है कि इस डील के बदले सुजुकी ने गुजरात में मौजूद मारुति सुजुकी प्लांट का मालिकाना हक कंपनी को देने की बात कही है।
आपको बताते चलें कि शेयर मिलने के बाद सुजुकी की मारुति सुजुकी में हिस्सेदारी बढ़कर 58.19 फीसदी हो जाएगी। इसके पहले मारुति सुजुकी में सुजुकी की हिस्सेदारी 56.48 परसेंट की थी। वहीं म्युचुअल फंड की हिस्सेदारी 12.19 प्रतिशत से घटकर 11.71 प्रतिशत पर आने की उम्मीद है। अगर बात करें एफआईआई की होल्डिंग की तो वो भी घटकर 20.01 परसेंट रह जाएगी, जो पहले 21.87 परसेंट थी।
लोगों के मन में यह सवाल भी है कि आखिरकार मारुति ऐसा प्रस्ताव लेकर ही क्यों आई, तो आपको बता दें कि इसके पीछे ज्यादा प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट में ग्रोथ का चांस शामिल है।
दरअसल इंडियन कार मार्केट और निर्यात में हो रही बढ़ोतरी की तगड़ी गुंजाइश नजर आ रही है, ऐसे में मारुति को अपने प्रोडक्शन की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। आपको बताते चलें की 2030-31 तक कंपनी को प्रोडक्शन की क्षमता को बढ़ाकर 40 लाख तक ले जाना जरूरी होगा। इतनी प्रोडक्शन की कैपेसिटी मारुति की मौजूदा कैपेसिटी से करीब 2 गुना ज्यादा है। इस काम के लिए मारुति सुजुकी को और प्रोडक्शन प्लांट लगाने होंगे साथ ही मौजूद प्रोडक्शन प्लांट की क्षमता को भी बढ़ना होगा।
कंपनी की मानें तो इलेक्ट्रिक व्हीकल, हाइब्रिड, सीएनजी और एथेनॉल जैसे पावरट्रेन टेक्नोलॉजी लंबे समय तक मार्केट में बनी रह सकती है। ऐसे में अलग-अलग मैनेजमेंट के तहत इन्हें एक बड़े स्तर पर अलग-अलग प्रोडक्शन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए कंपनी ने फैसला किया है कि प्रोडक्शन से जुड़े सभी काम एक ही मैनेजमेंट के अंदर आएंगे, जिसे मारुति सुजुकी इंडिया देखेगा और संभालेगा।
आज मारुति सुजुकी के शेयर में गिरावट देखने को भी मिली है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर मारुति का शेयर कारोबार बंद होने तक 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,486.35 रुपए की कीमत पर कारोबार कर रहा था। अगर बात करें पिछले 5 दिनों की तो मारुति सुजुकी के शेयर ने लोगों को 0.62% का फायदा भी दिया है। यदि बात करें पिछले 52 हफ्ते के उच्चतम और निचले स्तर की तो पिछले 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर10,846.10 रुपए रहा है। वहीं पिछले 52 हफ्ते में इसका निचला स्तर 8076.65 रुपए रहा है।


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