नई दिल्ली, अप्रैल 27। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपने जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च तिमाही) के मुकाबले 2020-21 की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 10 फीसदी की गिरावट के साथ 1166 करोड़ रु रहा। मगर कंपनी की इनकम में बढ़ोतरी हुई। मारुति की इनकम 33.6 फीसदी बढ़ कर 22,958.6 करोड़ रु रही। मारुति का मुनाफा अनुमान से कम रहा। अनुमान लगाया गया था कि जनवरी-मार्च तिमाही में मारुति का मुनाफा 38 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 1785 करोड़ रु के करीब रहेगा। वहीं इसकी इनकम के लिए 23704 करोड़ रु का अनुमान था।

क्यों घटा मुनाफा
कंपनी के शुद्ध लाभ में आई अप्रत्याशित गिरावट का अहम कारण इसकी अन्य इनकम में आई गिरावट है। 2019-20 की समान तिमाही में कंपनी की अन्य इनकम 880 करोड़ रु रही थी, जो इस साल समान अवधि में घट कर 89.8 करोड़ रुपये रह गयी। कंपनी ने 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड भी घोषित किया।
ऑपरेटिंग प्रोफिट में बढ़ोतरी
इस तिमाही में कार निर्माता का ऑपरेटिंग प्रोफिट (ऑपरेटिंग प्रॉफिट होता है ब्याज और करों की कटौती को छोड़कर, किसी निश्चित अवधि के लिए कंपनी के मुख्य बिजनेस से होने वाली कमाई) 72.8 प्रतिशत बढ़कर 1,250.1 करोड़ रुपये हो गया। हाई सेल्स और लागत में कटौती के लिए किए गए प्रयासों से कंपनी का ऑपरेटिंग प्रोफिट बढ़ा।
बिक्री में बढ़त
मारुति सुजुकी ने तिमाही के दौरान कुल 492,235 कारें बेचीं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 27.8 फीसदी अधिक है। घरेलू बाजार में मारुति की बिक्री 26.7 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 456,707 यूनिट्स और निर्यात 44.4 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 35,528 यूनिट्स रहा। पूरे वित्त वर्ष के लिए, मारुति सुजुकी की शुद्ध बिक्री 7.2 प्रतिशत गिरकर 66,562.1 करोड़ रुपये रही, जबकि शुद्ध लाभ 25 प्रतिशत घट कर 4,229.7 करोड़ रुपये रहा।


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