Maruti: मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) जो दशक के अंत तक 6 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को पेश करने की तैयारी कर रही है। उसका मानना है कि बैटरी से चलने वाली वाहनों में प्रवेश करने में उसे अभी देरी नहीं हुई है। एमएसआईएल के अध्यक्ष आरसी भार्गव का मानना है कि कि हमारे पास अभी भी समय है क्योंकि ईवी की पहुंच पीवी मार्केट में 2 फीसदी से भी कम है।
26 सितंबर को भार्गव ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 'रीइन्वेंटिंग मारुति: कॉन्टिन्युटी विद चेंज' शीर्षक से एक फायरसाइड चैट सत्र के दौरान कहा कि ऐसा नही है कि किसी ने जाकर बहुत बड़े मार्केट में हिस्सा ले लिया है और हम पीछे रह गए है। उन्होंने कहा कि यह आने वाले वर्ष यह 2 फीसदी होगी और तब हम ईवी मार्केट में होंगे।

आरसी भार्गव ने यह भी खुलासा किया कि यह उन पहले वाहन निर्माताओं में से एक रहा जिसने वैगनआर हैचबैक के इलेक्ट्रिक संस्करण को विकसित करके ईवी पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया था।
उन्होंने खुलासा किया कि हालाँकि, उसने ई-वैगनआर को व्यावसायिक रूप से लॉन्च नहीं किया क्योंकि कंपनी को यह
व्यवहार्य प्रस्ताव नहीं लगा। आखिरकार इसने ईवीएक्स नामक एक बड़े आकार के मॉडल पर कार्य करना शुरू कर दिया है, जो एक ग्राउंड-अप ईवी है और इसे 2025 तक लॉन्च किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जब तक हम इलेक्ट्रिक कारों के साथ मार्केट में आयेंगे तब तक उचित मात्रा में बिक्री होने की संभावना होगी। उन्होंने कहा था कि उनकी पहली इलेक्ट्रिक कार की कीमत लगभग 10 लाख रु से कम नहीं होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भार्गव ने 6 मॉडलों के साथ मार्केट में आने के पीछे के वजह का जवाब देते हुए कहा कि
घरेलू मार्केट में वर्ष 2030 तक कारों की बिक्री सलाना साढ़े छह से 7 मिलियन कारों के लगभग होगी।
उन्होंने कहा कि अगर मार्केट में शेयर 45 फीसदी से 50 फीसदी रखना है तो हम एक या दो मॉडल के साथ ऐसा नहीं कर सकते है। उन्होंने कहा कि आप जिस तरह का वॉल्यूम चाहते हैं, उसके लिए हमारे पास बड़ी संख्या में मॉडल होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम लगता है कि 6 मॉडल्स न्यूनतम जरूरत हैं। भार्गव ने कहा कि 6 मॉडलों के साथ भी हमें लगता है कि वर्ष 2030 तक हमारी बिक्री का सिर्फ 15 फीसदी से 20 फीसदी हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों का होगा।


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