नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी की ऑल्टो काफी पसंद की जाती है। कंपनी की ऑल्टो ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। मारुति सुजुकी के मुताबिक इसकी एंट्री लेवल स्मॉल कार ऑल्टो लगातार 16वें साल भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल बन गया है। 2019-20 में ऑल्टो की 1.48 लाख यूनिट की सेल हुई। बता दें कि सितंबर 2000 में लॉन्च की गई ऑल्टो पहली बार 2004 में भारत की सबसे अधिक बिकने वाली कार बनी थी। पहली बार कार खरीदारों के लिए पसंदीदा विकल्प के तौर पर ऑल्टो को ग्राहकों से जबरदस्त रेस्पोंस मिला है। इसकी माइलेज और शानदार फीचर्स के चलते ऑल्टो काफी पसंद की जाती है। आइए जानते हैं कि ऑल्टो के खास फीचर्स।
ऑल्टो की कीमत और खास फीचर्स
ऑल्टो की शुरुआती कीमत 2.95 लाख रु है, जो इसके टॉप मॉडल के लिए 4.8 लाख रु तक जाती है। मारुति सुजुकी ने ऑल्टो का सीएनजी वेरिएंट भी पेश किया हुआ है। ये कंपनी के सीएनजी सेगमेंट में भी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार है। कंपनी ने इसके दो सीएनजी मॉडल पेश किए हैं। इनमें LXI वेरिएंट की कीमत 4.32 लाख रुपये और LXI (O) वेरिएंट की कीमत 4.36 लाख रुपये है। यह कार 22.05 से 31.59 किमी तक का माइलेज देती है। इसका इंजन 796 सीसी का है। नए नियमों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा ऑल्टो में ड्राइवर साइड एयरबैग, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक-फोर्स वितरण, रिवर्स पार्किंग सेंसर और हाई स्पीड अलर्ट सिस्टम सहित स्टैंडर्ड सुरक्षा फीचर हैं।
ऑल्टो का सेल रिकॉर्ड
मारुति ने सितंबर 2000 में लॉन्चिंग के बाद 2008 तक इसकी 10 लाख यूनिट्स बेच ली थीं। इसके बाद अगले 4 सालों में 2012 तक यह संख्या दोगुनी होकर 20 लाख हो गई थी। फिर अगले चार साल में कंपनी ने इसकी 10 लाख इकाइयां बेची। नवंबर 2019 में ऑल्टो 38 लाख यूनिट का आंकड़ा पार करने वाली वाली भारत की एकमात्र कार बन गई थी। अब तक पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1.50 लाख इकाइयों के साथ ऑल्टो की 39 लाख से अधिक इकाइयां बेची जा चुकी हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (मार्केटिंग और सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि ऑल्टो की बेजोड़ यात्रा ने नए और युवा भारत के लिए मोबिलिटी को सक्षम बनाया है और लाखों सपनों को हकीकत में बदल दिया है।
मारुति की कार सेल्स
कोरोना के चलते मारुति की सेल्स काफी प्रभावित हुई है। मई में पिछले साल के मुकाबले इसकी सेल्स 86 फीसदी घटी। मई 2019 में 1,34,641 यूनिट्स के मुकाबले इस साल मई में कंपनी सिर्फ 18,539 यूनिट्स बेच सकीं। मारुति की घरेलू बिक्री 88.93 फीसदी गिर कर 13888 यूनिट्स और एक्सपोर्ट 48.82 फीसदी लुढ़क कर 4651 यूनिट्स रह गया। हालांकि किसी भी लिहाज से ये आंकड़े तुलनात्मक नहीं हैं, क्योंकि कोरोना संकट के कारण स्थिति पिछले साल के मुकाबले बिलकुल अलग है। सेल्स बढ़ाने के लिए कार कंपनियां तरह-तरह के ऑफर्स पेश कर रही हैं। इनमें मारुति भी शामिल है। मारुति ने ग्रामीण इलाकों में सेल्स बढ़ाने के लिए महिंद्रा फाइनेंस के साथ हाथ मिलाया है। मारुति ने इस साझेदारी के तहत कई ऑफर्स पेश किए हैं।


Click it and Unblock the Notifications