Market Outlook: IT, Defence या Healthcare? Share Market का Top Sector कौन सा?

Market Outlook: हाल के दिनों में Share Market में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, लेकिन उसके बाद बाजार ने शानदार वापसी की। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह तेजी लंबे समय तक जारी रहेगी या फिर यह सिर्फ एक शॉर्ट टर्म रिकवरी है? GoodReturns से खास बातचीत में Abakkus Mutual Fund की Pooja Paralikar ने मौजूदा बाजार, सेक्टर रणनीति और निवेशकों के लिए जरूरी सलाह साझा की।

Market

News नहीं, Earnings चला रही हैं बाजार

पूजा परालिकर के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में बाजार की दिशा तय करने में खबरों का बड़ा असर देखने को मिलता था। लेकिन अब निवेशकों का फोकस कंपनियों के नतीजों और उनकी कमाई पर ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ Earnings Growth ही नहीं बल्कि कंपनी की भविष्य की ग्रोथ, बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट और स्केलेबिलिटी भी निवेश का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। ऐसे में निवेशकों को Momentum के बजाय Fundamentally मजबूत कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए।

Indian Economy अभी भी मजबूत

वैश्विक चुनौतियों और जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। GDP Growth स्थिर है, महंगाई नियंत्रण में है और कंपनियों के तिमाही नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं।

हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि पूरे बाजार में एक जैसी तेजी नहीं होगी। आने वाले समय में Selective Investing का दौर रहेगा, जहां केवल मजबूत कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करेंगी।

Large Cap और Mid Cap में कैसे बनाएं रणनीति?

पूजा परालिकर के अनुसार वर्तमान समय Large Cap और Mid Cap दोनों में संतुलित निवेश का है।

Large Cap कंपनियां पोर्टफोलियो को स्थिरता देती हैं, जबकि Mid Cap कंपनियों में ज्यादा ग्रोथ की संभावना रहती है। उनका मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों (FPI) की खरीदारी दोबारा बढ़ती है तो उसका सबसे बड़ा फायदा Large Cap शेयरों को मिल सकता है। वहीं Mid Cap में निवेश करते समय Valuation और जोखिम दोनों पर बराबर ध्यान देना जरूरी है।

Asset Allocation सबसे अहम

उन्होंने कहा कि हर निवेशक की Risk Appetite अलग होती है। इसलिए निवेश से पहले Asset Allocation तय करना बेहद जरूरी है।

पोर्टफोलियो में सिर्फ Equity ही नहीं बल्कि Debt और Commodities जैसी अन्य Asset Classes को भी जगह मिलनी चाहिए। सही Diversification लंबे समय में जोखिम कम करने में मदद करता है।

Financial Services सबसे पसंदीदा सेक्टर

पूजा परालिकर ने Financial Services सेक्टर पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया, उनके मुताबिक Banks, NBFC, Insurance और Fintech कंपनियां आने वाले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। मजबूत बैलेंस शीट और लगातार बढ़ती वित्तीय सेवाओं की मांग इस सेक्टर के पक्ष में काम कर रही है।

Healthcare सेक्टर में भी बड़ा अवसर

Healthcare सेक्टर को भी उन्होंने Long Term निवेश के लिए आकर्षक बताया। CDMO बिजनेस, मेडिकल टूरिज्म और Export Opportunities आने वाले वर्षों में इस सेक्टर की ग्रोथ को मजबूत बना सकती हैं। भारत का रिसर्च इकोसिस्टम भी इस सेक्टर को अतिरिक्त मजबूती दे रहा है।

Capex और Industrial थीम पर भी नजर

सरकार द्वारा लगातार Infrastructure Spending बढ़ाने का फायदा Industrial और Capital Expenditure (Capex) से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सेक्टर में निवेश से पहले Valuation और कंपनी की गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए।

IT सेक्टर पर अभी भी सतर्क रहने की सलाह

हाल के दिनों में IT शेयरों में तेजी जरूर देखने को मिली है, लेकिन Abacus Mutual Fund अभी भी इस सेक्टर पर Underweight बना हुआ है।

एक्सपर्ट के मुताबिक IT कंपनियों की Earnings Visibility अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जब तक कमाई में स्थायी सुधार नहीं दिखता, तब तक इस सेक्टर में सीमित निवेश ही बेहतर रणनीति हो सकती है।

AI, Data Center या Semiconductor?

नई तकनीकों से जुड़े सेक्टरों पर भी चर्चा के दौरान पूजा परालिकर ने कहा कि Data Center, AI और Semiconductor जैसे क्षेत्रों में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छी संभावनाएं हैं, हालांकि इन थीम्स में निवेश करते समय बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट, पूंजी निवेश और स्केलेबिलिटी जैसे पहलुओं का गहराई से मूल्यांकन करना जरूरी है।

Defence और Realty में क्या करें?

Defence सेक्टर को लेकर उनका कहना था कि मजबूत Order Book सकारात्मक संकेत है, लेकिन निवेश से पहले कंपनियों की Execution क्षमता और Margin Sustainability का मूल्यांकन जरूरी है।

वहीं Realty सेक्टर में Urbanisation, Infrastructure Development, Warehousing, Data Centres और Premium Housing जैसी थीम्स आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती हैं।

Volatile Market में निवेशक क्या करें?

पूजा परालिकर ने निवेशकों को FOMO और Panic Selling से बचने की सलाह दी। उनके मुताबिक बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा रहेगा, लेकिन यदि पोर्टफोलियो Diversified है और निवेश Fundamentally मजबूत कंपनियों में किया गया है तो छोटी अवधि की गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इक्विटी निवेश हमेशा कम से कम 5 साल के नजरिए से करना चाहिए।

मौजूदा बाजार में सबसे बड़ी रणनीति जल्दबाजी नहीं बल्कि धैर्य है। एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले समय में Selective Stock Picking, उचित Asset Allocation और Long Term Investing ही बेहतर रिटर्न की कुंजी होगी।

Financial Services, Healthcare और Industrial जैसे सेक्टर फिलहाल अपेक्षाकृत मजबूत दिख रहे हैं, जबकि IT सेक्टर में अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं AI, Data Center और Semiconductor जैसी नई थीम्स लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर बन सकती हैं।

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