नई दिल्ली, अप्रैल 18। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की टॉप 10 कंपनियों में से 7 की मार्केट वैल्यू 1.41 लाख करोड़ रुपये घट गई है। वहीं बीते हफ्ते सेंसेक्स 759.29 अंक यानी 1.53 प्रतिशत टूटकर 48,832 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान शेयर बाजार में सबसे ज्यादा आईटी सेक्टर के शेयरों में गिरावट दर्ज हुई है।

टीसीएस को सबसे ज्यादा नुकसान
टीसीएस का शेयर बीते हफ्ते करीब 3.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके चलते कंपनी की मार्केट कैप 47.68 हजार करोड़ रुपये घटकर 11.81 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। वहीं इनफोसिस की मार्केट कैप 37.57 हजार करोड़ रुपये घट गई है। वहीं कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैप 30.84 हजार करोड़ रुपये घटकर 12.26 लाख करोड़ रुपये रह गई है। इसके अलावा एसबीाई की मार्केट कैप 11.73 हजार करोड़ रुपये घटी है। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक की मार्केट कैप 6,620 करोड़ रुपये घटकर 3.49 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर की मार्केट कैप 4,534 हजार करोड़ रुपये घटी है। भारती एयरटेल की मार्केट कैप भी 2,636 करोड़ रुपये घटकर 2.96 लाख करोड़ रुपये रह गई है।
इन कंपनियों को हुआ फायदा
एचडीएफसी का शेयर 2.4 फीसदी बढ़ा है, जिससे इसकी मार्केट कैप 10,697 करोड़ रुपये बढ़कर 4.64 लाख करोड़ रुपये हो गई। एचडीएफसी बैंक की मार्केट कैप 3,748 करोड़ रुपये बढ़कर 7.87 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की मार्केट कैप 124 करोड़ रुपये बढ़कर 3.91 लाख करोड़ रुपये हो गई।
अब ये हैं देश की टॉप 10 कंपनियां
पिछले हफ्ते टॉप 10 कंपनियों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। इसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, इनफोसिस एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक और भारती एयरटेल का स्थान रहा।
क्या होती है मार्केट कैप
मार्केट कैप यानी बाजार पूंजीकरण किसी कंपनी के मौजूदा शेयर मूल्यों और बकाया शेयरों की कुल संख्या के आधार पर एक मूल्यांकन होता है। यह बकाया शेयरों की संख्या का एक शेयर की कीमत से गुणनफल के बराबर होता है। चूंकि बकाया स्टॉक को बाजारों में खरीदा और बेचा जाता है, इसलिए पूंजीकरण का उपयोग किसी कंपनी के कुल मूल्य पर सार्वजनिक राय के संकेतक के रूप में किया जा सकता है। इसे मार्केट कैप कहा जाता है।


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