नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में एक महेंद्र सिंह धोनी अब एक नया कारोबार करने जा रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी जब भी कुछ करते हैं, तो वह चर्चा का विषय बन जाता है। इस बार भी उनका नया कारोबार लोगों को चौंका सकता है। हालांकि यह तय है कि उनको इस नए कारोबार से भारी कमाई की उम्मीद है। अगर आपको भी लगता है कि उनका नया कारोबार जानना चाहिए तो यहां पर पूरी जानकारी दी जा रही है। आइये जानते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी का नया कारोबार क्या है।
ये है महेंद्र सिंह धोनी का नया कारोबार
महेंद्र सिंह धोनी ने इस बार कड़कनाथ मुर्गे की फॉर्मिंग का फैसला किया है। लोग इसे धोनी का रिटायरमेंट प्लान भी बता रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी के पास रांची में एक काफी बड़ा फॉर्म हाउस है। इसी फार्म हाउस में एक पोल्ट्री फार्म को विकसित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह धोनी ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले की एक पॉल्ट्री को 2000 कड़कनाथ चूजों का ऑर्डर भी कर दिया है।
15 दिसंबर 2020 तक चूजे आ जाएंगे महेंद्र सिंह धोनी के पास
जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह धोनी के ऑर्डर पर मध्य प्रदेश का यह पॉल्ट्री फॉर्म 15 दिसंबर तक 2000 कड़कनाथ चूजों के ऑर्डर की आपूर्ति भी कर देगा। एमपी की यह पॉल्ट्री फार्म महेंद्र सिंह धोनी के इस ऑर्डर को बड़ा महत्व देते हुए तय डेडलाइन के अंदर ही इस ऑर्डर को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रही है।
जानिए किसको मिला है यह ऑर्डर
मीडिया में आई जानकारी के अनुसार झाबुआ के थंडला ब्लॉक के रहने वाले विनोद मेधा कड़कनाथ मुर्गों के चूजों का यह ऑर्डर मिला है। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब 3 महीने पहले महेंद्र सिंह धोनी के फॉर्म हाउस के मैनेजर ने संपर्क किया था। इसके बाद मात्र 5 दिन अंदर ही उनको 2000 चूजों की आपूर्ति का ऑर्डर दे दिया गया था। इस आर्डर को 15 दिसंबर पूरा किया जाना है।
जानिए कितना बड़ा है महेंद्र सिंह धोनी का फार्म हाउस
मीडिया में आई जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह धोनी का फार्म हाउस करीब 43 एकड़ का बताया गया है। महेंद्र सिंह धोनी अपने फॉर्म हाउस में ऑर्गेनिक फॉर्मिंग करने की योजना पर काम कर रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी ने डेयरी फॉर्मिंग के लिए साहीवाल नस्ल की गायें को भी मंगाया है। इसके अलावा महेंद्र सिंह धोनी इस फाम हाउस में मछली पालन भी कर रहे हैं। वहीं बत्तख पालने की भी तैयारी है।
क्यों खास है कड़कनाथ मुर्गा
मध्य प्रदेश में कड़कनाथ मुर्गे को काली मासी भी कहा जाता है। यह मुर्गा काले रंग का होता है। मुख्य रूप से यह मध्य प्रदेश के भीमांचल क्षेत्र झबुआ जिले में पाया मिलता है। 2018 में छत्तीसगढ़ सरकार के साथ कानूनी लड़ाई जीतने के बाद झाबुआ को इसका जीआई टैग भी मिल गया है। इस कड़कनाथ मुर्गे में औषधीय गुण बताए जाते हैं। वहीं इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा कड़कनाथ मुर्गे में कोलेस्ट्रोल बहुत कम होता है। इसी लिए कड़कनाथ मुर्गे को खास माना जाता है, और इसकी बाजार में भारी मांग है।
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