Maharashtra Weather Forecast: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य में तेजी से एक्टिव होने की वजह से यह अलर्ट जारी किया गया है.
इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
कोंकण क्षेत्र के रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. इसके अलावा मुंबई, पुणे, पालघर, सतारा और कोल्हापुर के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जहां भारी बारिश की संभावना है. मध्य और उत्तरी महाराष्ट्र यानी नासिक, औरंगाबाद, नागपुर जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां मध्यम बारिश की उम्मीद है. विदर्भ में 17 जून तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है.
मछुआरों के लिए चेतावनी
कोंकण तटीय क्षेत्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें और निचले जलभराव वाले इलाकों में सतर्क रहें.

मानसून की प्रगति और मौसमीय प्रणाली
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अब मुंबई, आदिलाबाद, पुरी और बालुरघाट तक पहुंच चुकी है. उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात एक्टिव है. एक ट्रफ रेखा मराठवाड़ा से मध्य प्रदेश और विदर्भ तक फैली है. इसके साथ ही एक दूसरी ट्रफ रेखा पश्चिम-मध्य अरब सागर से दक्षिण तटीय ओडिशा तक बनी हुई है.
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जून से मध्य महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधि में कमी आएगी. जबकि 17 जून तक विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. पश्चिमी घाट क्षेत्रों में भारी बारिश का क्रम बना रहेगा.
जलभराव और भूस्खलन की आशंका
मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के तटीय और घाट क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. बारिश के बढ़ते प्रभाव के कारण बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं.


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