Maharashtra Plane Crash: मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर प्लेन महाराष्ट्र के बारामती में सुबह 8:45 बजे क्रैश-लैंड हो गया, जिसमें डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजीत पवार सवार थे। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल से मिले फुटेज में प्लेन का टूटा-फूटा मलबा दिख रहा है, और एम्बुलेंस घायलों को पास के अस्पतालों में ले जा रही हैं। इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश किस वजह से हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है।

मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर विमान सुबह 8.45 बजे महाराष्ट्र के बारामती में क्रैश हो गया। एएनआई ने बताया कि डिप्टी सीएम अजित पवार भी विमान में सवार थे।
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि बुधवार, 28 जनवरी को पुणे जिले में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और पांच अन्य लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई जब एनसीपी नेता पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान पुणे के बारामती इलाके में लैंड कर रहा था।
मौके से मिले विज़ुअल्स में प्लेन का मलबा आग की लपटों में घिरा दिख रहा है। मलबे वाली जगह पर लोग हर संभव तरीके से मदद करने की कोशिश कर रहे थे। हेलीकॉप्टर को क्रैश होते देखकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए थे।प्लेन में कितने लोग सवार थे, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
घटनास्थल पर फिलहाल बचाव और राहत अभियान चल रहा है। स्थानीय लोग भी पुलिस और राहत अधिकारियों को घायलों को एम्बुलेंस तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। यह घटना नेता के लिए विमानन से जुड़ी कई डरावनी घटनाओं के बाद हुई है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में, उनके पार्टी सहयोगी सुनील तटकरे को लेने जा रहा एक हेलीकॉप्टर पुणे में क्रैश हो गया, और खराब मौसम के कारण इस इलाके में पहले भी इमरजेंसी लैंडिंग के मामले सामने आ चुके हैं।
कौन है अजीत पवार?
66 साल के वह अनुभवी नेता और NCP के संस्थापक शरद पवार के भतीजे और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के चचेरे भाई थे। शरद पवार और सुप्रिया सुले, जो संसद के बजट सत्र के लिए दिल्ली में थे।
पिछले चार दशकों में पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। अपने समर्थकों के बीच प्यार से दादा (मराठी में बड़े भाई) के नाम से जाने जाने वाले अजीत पवार ने 1980 के दशक में अपने चाचा की छत्रछाया में जमीनी स्तर पर राजनीति में कदम रखा। उन्हें 1991 में पहली चुनावी सफलता मिली, जब उन्होंने बारामती लोकसभा सीट जीती।
राज्य की राजनीति में अपने चाचा शरद पवार के नक्शेकदम पर चलते हुए तेजी से आगे बढ़ने के बावजूद, अजीत पवार ने उनके खिलाफ विद्रोह कर दिया और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बनने के लिए बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया। उनके इस कदम से NCP लगभग दो हिस्सों में बंट गई। अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के तहत पांच बार उपमुख्यमंत्री रहे अजीत पवार ने एक बार कहा था- "मैं एक दिन मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं और लोगों के कल्याण के लिए अपनी योजनाएं लागू करना चाहता हूं।" लेकिन विमान दुर्घटना ने उनकी जिंदगी छीन ली।
22 जुलाई, 1959 को अहमदनगर के देवलाली प्रवरा में जन्मे, वह एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। पवार परिवार की कृषि और कोऑपरेटिव में गहरी जड़ों ने उनके शुरुआती राजनीतिक दृष्टिकोण को आकार दिया। अपने पिता अनंतराव पवार की मृत्यु के बाद अजीत ने कम उम्र में ही राजनीति में प्रवेश किया। उनके पिता के निधन का मतलब था कि अजीत ने अपनी शिक्षा SSC स्तर तक ही पूरी की।
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