Mahakumbh 2025: महाकुंभ के नजदीक आते ही प्रयागराज में होटलों के किराए में काफी उछाल आ गया है। 1 जनवरी से सिविल लाइंस और एमजी मार्ग जैसे जगहों में कमरों के किराए में 30-40% की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी का असर लग्जरी, मिड-रेंज और बजट फ्रेंडली प्लेस पर पड़ा है। कई कमरे पहले से ही बुक हो चुके हैं, जिससे विजिटर्स को ऑप्शन्स की तलाश करनी पड़ रही है।

होटल में कमरों की कीमत
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम के अमित शर्मा को 20 जनवरी के लिए कमरा ढूंढने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने महाकुंभ के दौरान पवित्र स्नान के लिए टेंट सिटी जाने की योजना बनाई थी। काफी ढूढंने के बाद उन्हें पता चला कि आमतौर पर 1,500 से 3,000 रुपये के बीच के कमरों की कीमत अब 7,000 से 10,000 रुपये हो गई है। होटल मालिकों ने इस उछाल के पीछे का कारण महाकुंभ आयोजन को बताया है।
पर्यटकों पर प्रभाव
भारत भर में पर्यटक और तीर्थयात्री महाकुंभ के दौरान ठहरने की जगह पाने के लिए परेशानी से जुझ रहे हैं। आतिथ्य क्षेत्र इसे एक प्रमुख व्यावसायिक अवसर के रूप में देख रहा है। उच्च मांग के कारण कमरों की दरें सामान्य कीमतों से कहीं अधिक बढ़ गई हैं।
प्रयागराज होटल और रेस्टोरेंट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह ने कीमतों में बढ़ोतरी को अधिक मांग का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि लग्जरी होटलों के किराए 4,000-6,000 रुपये से बढ़कर 10,000-15,000 रुपये हो गए हैं। सिंह ने सवाल उठाया कि जब हवाई किराए में भी बढ़ोतरी हुई है, तो केवल होटल किराए की ही आलोचना क्यों की जाती है।
होटल बुकिंग से जुड़ी परेशानी
महाकुंभ शुरू होने में बस दो हफ़्ते से ज़्यादा का समय रह गया है, ऐसे में बजट होटलों और पेइंग गेस्ट सुविधाओं में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई है। यहां तक कि सरकारी होटलों के कमरों में भी इसका असर देखने को मिला है। नवंबर और दिसंबर की तुलना में होटल के कमरों के किराए में दोगुनी वृद्धि हुई है।
दिसंबर में, रूम की कीमतें 4,000 रुपये से 6,000 रुपये के बीच थीं, लेकिन जनवरी के मध्य तक ये बढ़कर 5,000 रुपये से 15,000 रुपये तक पहुंच गईं। मार्च में महाकुंभ के समाप्त होने के बाद किराए में कमी आने की उम्मीद है।


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