Sofia Qureshi: सोफिया कुरैशी की हर तरफ चर्चा हो रही है। वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर कार्यरत हैं और सिग्नल कोर में सेवा दे रही हैं। 35 साल की उम्र में ही उन्होंने भारतीय सेना में अपनी अलग पहचान बनाकर इतिहास रच दिया। कर्नल कुरैशी भारतीय सेना में महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने ऊभरी हैं। सेना के उनके संघर्ष और अतुल्य योगदान को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी 2020 में भारतीय सेना में स्थायी कमीशन (पीसी) देने के अपने एक फैसले में कर्नल कुरेशी की तारीफ की थी।

सोफिया कुरैशी ने रचा इतिहास (Lt Colonel Sophia Qureshi)
मार्च 2016 में, लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना के सिग्नल कोर में एक प्रतिष्ठित अधिकारी हैं। उन्होंने बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनकर इतिहास रच दिया। इस अभ्यास का नाम एक्सरसाइज फोर्स 18 था, जो भारत में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभ्यास रहा है।
इसमें ASEAN (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन) के सदस्य देशों के अलावा भारत, जापान, चीन, रूस, अमेरिका, कोरिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने हिस्सा लिया। यह अभ्यास 2 से 8 मार्च 2016 के बीच पुणे में हुआ।
कुल 18 देशों की टुकड़ियों ने भाग लिया, जिनमें से लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी इकलौती महिला अधिकारी थीं, जिन्होंने एक टुकड़ी की कमान संभाली। लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी को इस जिम्मेदारी के लिए देश के कई शांति स्थापना (Peacekeeping) ट्रेनरों में से चुना गया था।
सुफिया कुरैशी के परिवार का भारतीय सेना से नाता (Lt Colonel Sophia Qureshi Family)
सोफिया कुरैशी मूल रूप से गुजरात के वडोदरा से हैं। साल 1981 में जन्मीं सोफिया ने Biochemistry में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। कर्नल सोफिया सैन्य परिवार से हैं। उनके दादा भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। साल 2010 से ही पीसकीपिंग ऑपरेशन्स से जुड़ी रही हैं। इससे पहले भी उन्हें इस तरह की ड्यूटी का अनुभव रहा है।
सुफिया कुरैशी की शादी
साल 2006 में उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में बतौर मिलिट्री ऑब्जर्वर (सैन्य पर्यवेक्षक) काम किया था। सोफिया की शादी भी मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के एक अधिकारी मेजर ताजुद्दीन कुरैशी से हुई है। सोफिया साल 1999 में भारतीय सेना में शामिल हुई। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से ट्रेनिंग ली।
सोफिया कुरैशी को मिला ये सम्मान
लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी का कार्य रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने ऑपरेशन पराक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था, जो पंजाब बॉर्डर पर चलाया गया था। इस साहसिक और कुशल योगदान के लिए उन्हें GOC-in-C (जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ) की ओर से प्रशंसा पत्र (Commendation Card) भी दिया गया।
पूर्वोत्तर में बाढ़ राहत कार्यों के दौरान संचार व्यवस्था में उनके बेहतरीन योगदान के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी को SO-in-C (सिग्नल ऑफिसर इन चीफ) की ओर से प्रशंसा पत्र (Commendation Card) से सम्मानित किया गया। साल 2016 में उन्हें 40 सदस्यों वाली भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए चुना गया। यह टुकड़ी PKOs (Peacekeeping Operations) और HMA (Humanitarian Mine Action) से जुड़ी ट्रेनिंग में अन्य देशों की सेनाओं के साथ भाग ले रही थी।


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