आम आदमी को एक बार फिर से महंगाई के कारण जोर का झटका लग सकता है। पहले से ही एक तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूती नजर आ रही है अब रसोई गैस की कीमतें भी उपभोक्ताओं को झटका देने वाली है।
नई दिल्ली, फरवरी 24। आम आदमी को एक बार फिर से महंगाई के कारण जोर का झटका लग सकता है। पहले से ही एक तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूती नजर आ रही है अब रसोई गैस की कीमतें भी उपभोक्ताओं को झटका देने वाली है। ऐसे में महंगाई की मार से परेशान आम लोगों के लिए अप्रैल 2022 से खाना बनाना महंगा हो सकता है। मार्च-अप्रैल में देश में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। दरअसल, रूस, यूरोप को गैस सप्लाई करने का एक बड़ा स्रोत है। ऐसे में यूक्रेन संकट के चलते इस पर असर पड़ सकता है। यूक्रेन-रूस संकट के गहराने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी आ सकती है भारी बढ़ोतरी
जानकारी दें कि देश में दिवाली के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। माना जा रहा है पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही अप्रैल से देश में गैस की कीमतें दोगुना हो सकती हैं। दुनियाभर में गैस की भारी किल्लत हो गई है। जिसका असर अप्रैल में भारत में देखा जा सकता है। जिससे इसकी कीमतें दोगुनी हो सकती हैं।
ग्लोबल लेवल पर अप्रैल से गैस की कमी का असर दिखेगा
वहीं कहा जा रहा है कि ग्लोबल लेवल पर गैस की किल्लत होने से सीएनजी, पीएनजी और बिजली की कीमतें बढ़ जाएंगी। इसके साथ ही वाहन चलाने के साथ फैक्टरियों में उत्पादन की लागत भी बढ़ सकती है। सरकार के फर्टिलाइजर सब्सिडी बिल में भी इजाफा हो सकता है। कुल मिलाकर इन सबका असर आम उपभोक्ता पर ही पड़ने वाला है। ग्लोबल इकोनॉमी महामारी के प्रकोप से बाहर जरूर निकल रही है। लेकिन दुनियाभर में ऊर्जा की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जिससे सप्लाई में कमी आ सकती है। शायद यही वजह है कि गैस की कीमतों में इजाफा हो सकता है। ग्लोबल लेवल पर गैस की कमी का असर अप्रैल से दिखने लगेगा, जब सरकार नेचुरल गैस की घरेलू कीमतों में बदलाव करेगी।
एलपीजी कमर्शियल सिलेंडर के बढ़ाए गए थे रेट
भले ही सरकार ने घरेलू गैस एलपीजी के रेट में कोई इजाफा न किया हो लेकिन साल की शुरुआत में एलपीजी कमर्शियल गैस सिलेंडर कीमतों में इजाफा किया गया था। हालांकि, बाद में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती भी की गई है। इसमें लंबे समय से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
सीएनजी की कीमत में भी हो सकता इजाफा
जानकारों का मानना है कि 2.9 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से बढ़ाकर 6 से 7 डॉलर किया जा सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, गहरे समुद्र से निकलने वाली गैस की कीमत 6.13 डॉलर से बढ़कर करीब 10 डॉलर हो जाएगी। कंपनी अगले महीने कुछ गैस की नीलामी करेगी। इसके लिए उसने फ्लोर प्राइज को क्रूड ऑयल से जोड़ा है, जो अभी 14 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू है। देश में घरेलू नेचुरल गैस की कीमतें हर साल अप्रैल और अक्टूबर में तय होती हैं। अप्रैल की कीमत जनवरी से दिसंबर 2021 की इंटरनेशनल कीमतों पर आधारित होगी। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के घरेलू नेचुरल गैस की कीमत में एक डॉलर की तेजी पर सीएनजी की कीमत 4.5 रुपये प्रति किलो बढ़ जाएगी। इसकी मतलब है कि सीएनजी की कीमत में 15 रुपये प्रति किलो तक इजाफा हो सकता है।


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