गैस सिलिंडर अब बुक करना बहुत ही आसान हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने रसोई गैस की बुकिंग की व्यवस्था को आसान बनाने के लिए एक नया कदम बढ़ाया है।
नई दिल्ली: गैस सिलिंडर अब बुक करना बहुत ही आसान हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने रसोई गैस की बुकिंग की व्यवस्था को आसान बनाने के लिए एक नया कदम बढ़ाया है। इंडियन आयल उपभोक्ता अब व्हाट्सएप के जरिए भी रसोई गैस की बुकिंग करा सकेंगे। इतना ही नही इसके साथ ही उपभोक्ता डिलीवरी की ट्रैकिंग भी कर सकेंगे। मालूम हो कि इसके लिए एप भी लॉन्च किया गया है। इसका एक लाभ यह भी है कि अब एप्स के जरिए भी बुकिंग करके ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा।
फिलहाल मोबाइल नंबर से होती बुकिंग
इस बात की उम्मीद की जा रही है कि इस नई व्यवस्था से लोगों को लाभ मिलेगा। मौजूदा समय में आमतौर पर रसोई गैस की बुकिंग मोबाइल नंबर से होती है। वहीं कंपनी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए आईवीआरएस नंबर 8726024365 दिया है। अलग-अलग जोन के लिए अलग-अलग आइवीआरएस नंबर दिया गया है। इसलिए हर कोई इसका लाभ नहीं उठा पाता है। वहीं घर से बाहर रह रहा कोई भी व्यक्ति अपने परिजनों के लिए घर पर गैस की बुकिंग नहीं करवा सकता था। इसी समस्या को देखते हुए आइओसी ने नई व्यवस्था शुरू की है। इससे देश के किसी भी हिस्से से रसोई गैस की बुकिंग कराई जा सकेगी।
मोबाइल एप से बुकिंग और पेमेंट भी होगा आसान
बता दें कि प्रयागराज के लिए वाट्सएप नंबर 7588888824 जारी किया गया है। फिलहाल इससे केवल बुकिंग होगी। आने वाले दिनों में पेमेंट भी संभव है। इसके साथ ही कंपनी ने इंडियन ऑयल वन नाम से मोबाइल एप भी लान्च किया है। इसे मोबाइल पर लान्च करके अपने नाम और मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद उसे एलपीजी की आईडी नंबर से लिंक करना होगा। एलपीजी का आईडी नंबर लिंक होने के बाद उससे बुकिंग और पेमेंट हो सकेगा।
एक साल में सब्सिडी 58.34 रुपए तक हुआ कम
वहीं दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडर की सब्सिडी में लगातार कटौती हो रही है। गैस कंपनियों ने एक साल में सब्सिडी 58.34 रुपए तक कम कर दी है। एक साल पहले जनवरी 2019 में घरेलू गैस सिलेंडर 763 रुपए में मिल रहा था। तब अकाउंट में 254.48 रुपए सब्सिडी आ रही थी। अब यह 767 रुपए में मिल रहा है तो सब्सिडी सिर्फ 196.14 रुपए आ रही है। बता दें कि सालभर में सिलेंडर तीन रुपए महंगा हुआ और गैस कंपनियों ने सब्सिडी बढ़ाने की जगह 58.34 रुपए कम कर दी है। इससे शहर के 40 हजार से ज्यादा गैस उपभोक्ताओं की जेब पर असर हो रहा है और उन्हें गैस सिलेंडर के एवज में ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहे हैं। इधर सब्सिडी लगातार कम होने से गैस एजेंसियों पर शिकायतों की संख्या बढ़ गई है और रोज बड़ी संख्या में उपभोक्ता एजेंसी पर पहुंच शिकायत कर रहे हैं कि हमारे अकाउंट में सब्सिडी कम क्यों आ रही है।


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