नई दिल्ली, जुलाई 5। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बीते शुक्रवार, 1 जुलाई 2022 को 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की थी। मगर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई कटौती नहीं की गयी। 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर न तो 1 जुलाई को सस्ता हुआ और न ही महंगा। यह अभी भी 19 मई वाले रेट पर ही है। मगर वो रेट हर किसी के बजट में नहीं हैं, क्योंकि कई जगह 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1249 रु तक है। आगे जानिए हर शहर में सिलेंडर का रेट।
यहां है सबसे महंगा सिलेंडर
5 जुलाई के रेट पर नजर डालें तो देश में सबसे महंगा सिलेंडर लेह में मिल रहा है। वहां इसकी कीमत 1249 रुपये है। वहीं आईजोल में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1155 रुपये और श्रीनगर में 1119 रुपये है। पटना में सिलेंडर 1092.5 रु, कन्या कुमारी में 1087 रु, अंडमान में 1079 रु, रांची में 1060.5 रु, शिमला में 1047.5 रु और डिब्रूगढ़ में 1045 रु में मिल रहा है।
ये हैं बाकी शहरों का रेट
लखनऊ में सिलेंडर 1040.5 रु, उदयपुर में 1034.5 रु, इंदौर में 1031 रु, कोलकाता में 1029 रु, देहरादून में 1022 रु, चेन्नई में 1018.5 रु, आगरा में 1015.5 रु, चंडीगढ़ में 1012.5 रु, विशाखापट्टनम में 1011 रु, अहमदाबाद में 1010 रु, भोपाल में 1008.5 रु, जयपुर में 1006.5 रु, बेंगलुरू में 1005.5 रु, दिल्ली में 1003 रु और मुंबई में 1002.5 रु में मिल रहा है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत जानें
लखनऊ में यह 2130.50 रु, आगरा में 2070.50 रु, लद्दाख में 2606.50 रु, अंडमान निकोबार में 2442 रु, विशाखापट्टनम में 2087.50 रु, डिब्रूगढ़ में 2083.50 रु, पटना में 2272 रु, चंडीगढ़ में 2040 रु, दिल्ली में 2021 रुपये, कोलकाता में 2140 रुपये, मुंबई में 1981 रुपये, चेन्नई में 2186 रुपये, अहमदाबाद में 2042.50 रु, शिमला में 2130 रु और रांची में 2194.50 रु है।
जानिए अन्य़ शहरों का रेट
कमर्शियल सिलेंडर बेंगलुरू में 2108.50 रु, भोपाल में 2030 रु, इंदौर में 2119.50 रु, जयपुर में 2046.50 रु, उदयपुर में 2114.50 रु और देहरादून में 2067 रु की कीमत पर उपलब्ध है।
एलपीजी पर सब्सिडी
सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन पाने वाली केवल 9 करोड़ गरीब महिलाओं और अन्य लाभार्थियों तक रसोई गैस एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी को सीमित कर दिया है। बाकी उपयोगकर्ताओं को सिलेंडर के लिए बाजार मूल्य का भुगतान करना होगा। जून 2020 से रसोई गैस पर कोई सब्सिडी नहीं दी जा रही है। केवल वही सब्सिडी प्रदान की जाती है जिसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 21 मार्च को की थी। यानी यदि आप इन लोगों में शामिल नहीं हैं तो अब आपको कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी। कोविड के शुरुआती दिनों से ही एलपीजी उपयोगकर्ताओं को कोई सब्सिडी नहीं दी जा रही। तब से केवल वही और उन्हीं लोगों को सब्सिडी मिल रही है जो उज्ज्वला लाभार्थी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि उज्ज्वला योजना रसोई गैस की दरों के रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ने से उत्पन्न होने वाले बोझ को कम करने में मदद करने के लिए लाभार्थियों को एक वर्ष में 12 सिलेंडरों पर 200 रुपये प्रति की सब्सिडी मिलेगी।


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