भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। इसी कारण मोदी सरकार ने देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। लेकिन इन सब के बाद भी लॉकडाउन से परेशान हो रहे लोगों के लिए अच्छी खबर
नई दिल्ली: भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। इसी कारण मोदी सरकार ने देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। लेकिन इन सब के बाद भी लॉकडाउन से परेशान हो रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। जानकारी के मुताबिक मोबाइल फोन, टीवी, रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप और स्टेशनरी आइटम को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील के माध्यम से 20 अप्रैल से बेचा जा सकता है। यानि ऑनलाइन रिटेल कंपनियां 20 अप्रैल के बाद अपना कारोबार पूरी तरह से चालू करने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, सरकार ने बहुत साफ नहीं किया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को सभी तरह के सामान की सप्लाई की इजाजत होगी या सिर्फ जरूरी सामान की। इसी को लेकर थोड़ी दुविधा है जिस पर कंपनियां गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण के इंतजार में हैं।

वहीं मंत्रालय ने बुधवार को जारी अपनी गाइडलाइन में कहा है कि 20 अप्रैल से इस तरह की सर्विस को उन इलाकों में शुरू किया जाएगा जो कोरोना के हॉटस्पॉट नहीं हैं। इसके बाद अब ये कंपनियां अपना काम पूरी तरह से शुरू होने की तैयारी कर रही हैं। बुधवार को गृह मंत्रालय ने एक गाइडलाइन जारी की है। इसमें कुछ सेवाओं के लिए सशर्त छूट दी गई है, ताकि रोजमर्रा की जरूरी चीजों की सप्लाई जारी रहे। वैसे लॉकडाउन को बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया है। मालूम हो कि इस तरह की सेवाओं के बंद होने से जनता को काफी परेशानी हो रही है, जिसकी वजह से सरकार ने यह निर्णय लिया है। व्यावसायिक और निजी संस्थानों के बारे में एक उपखंड में मंत्रालय ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों को कारोबार शुरू करने की इजाजत दी जाएगी।
इसमें कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों की गाड़ियों को जरूरी परमिशन के साथ आवाजाही की अनुमति होगी। इसमें यह कहीं नहीं कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को सिर्फ जरूरी सामान की आपूर्ति की इजाजत है, अब इसके बारे में सवाल उठता है कि क्या वे गैर जरूरी सामान यानी किताबें, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे दूसरे सामान की भी आपूर्ति कर सकती हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों की माने तो मोबाइल फोन की सबसे अधिक मांग आने की संभावना है। लॉकडाउन में ऐप के माध्यम से स्कूल की पढ़ाई शुरू होने से नए स्मार्टफोन की भारी मांग निकल सकती है। कंपनियों का मानना है कि आनलाइन पढ़ाई शुरू होने से बड़े पैमाने पर पाठ्य सामग्रियों की भी जरूरत होगी जिसे पूरा करने पर खासतौर पर ध्यान दिया जाएगा।


Click it and Unblock the Notifications