नयी दिल्ली। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया, मगर इससे कई सेक्टरों पर बुरा असर पड़ा है। टेलीकॉम सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रहा। एक अनुमान के मुताबिक मोबाइल रिचार्ज वॉल्यूम में 35 फीसदी तक की गिरावट आई है। दरअसल सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं लाखों प्रवासी कामगार, जिसका असर टेलीकॉम सेक्टर पर भी दिखा। लॉकडाउन ने मुख्य रूप से भारत के 37 करोड़ से अधिक फ़ीचर फोन ग्राहकों में से करीब आधी संख्या को प्रभावित किया है, जिनमें अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग हैं और वे अपना फोन रिचार्ज नहीं करवा पा रहे हैं। बेसिक फोन ग्राहकों में करीब 8.5-9 करोड़ रिलायंस जियो 4जी वीओएलटीई फोन उपयोगकर्ता भी शामिल हैं। मोबाइल फोन कम रिचार्ज होने से जियो, एयरटेल और वोडाफोन सहित सभी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान होना तय है।
देश में 115 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता
भारत में 115 करोड़ मोबाइल फोन सब्सक्राइबर्स हैं, जिनमें से 90 फीसदी से अधिक प्री-पेड सब्सक्राइबर हैं। इन प्रीपेड ग्राहकों को लगातार कनेक्टिविटी के लिए समय-समय पर अपने सब्सक्रिप्शन को रिचार्ज करना पड़ता है। वरना उनकी सिम एक्टिवेट नहीं रहेगी। हालांकि उन प्रवासी श्रमिकों की मदद करने के उद्देश्य से, जो 14 अप्रैल से 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान रिचार्ज नहीं कर पाएंगे, एयरटेल, जियो और वोडाफोन आइडिया जैसी टेलीकॉम ने प्लांस की वैलिडिटी 17 अप्रैल तक बढ़ा दी है। साथ ही ग्राहकों की मदद करने के लिए फ्री टॉकटाइम भी दिया है।
ऑफलाइन रिचार्ज लगभग शून्य
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार टेलीकॉम इंडस्ट्री के अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार फिजिकल (ऑफलाइन) रिचार्ज लगभग शून्य हो गए हैं क्योंकि लोग मोबाइल स्टोर या अपने करीबी किराना स्टोर पर जाकर फोन रिचार्ज नहीं करवा पा रहे हैं। इससे टेलीकॉम कंपनियों के मासिक आधार पर नये ग्राहक जोड़ने में गिरावट आई है। स्थिति ये है कि न केवल ऑफलाइन माध्यमों से मोबाइल रिचार्ज में गिरावट आई है, बल्कि ऑनलाइन रिचार्ज में भी कमी आई है। एक इंडस्ट्री एक्जेक्यूटिव के मुताबिक भारत के लगभग 50 फीसदी फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के रिचार्ज करने में असमर्थ होने के कारण मौजूदा लॉकडाउन अवधि में बिग 3 टेलीकॉम कंपनियों को लगभग 15 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
अप्रैल-जून तिमाही में आमदनी को लगेगा झटका
जानकार कहते हैं कि अगर लॉकडाउन 14 अप्रैल से आगे बढ़ा तो एयरटेल, वोडा और जियो की अप्रैल-जून आमदनी काफी प्रभावित होगी। जून तिमाही में जियो का संभावित आमदनी नुकसानतुलनात्मक रूप से कम हो सकता है क्योंकि इसके लगभग 9 करोड़ फ़ीचर फोन उपयोगकर्ताओं के पास 4जी है और वे लॉकडाउन के आगे बढ़ने पर एयरटेल और वोडा के 2जी उपयोगकर्ताओं की तुलना में ऑनलाइन डिजिटल रिचार्ज पर स्विच कर सकते हैं।


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