नयी दिल्ली। लॉकडाउन के मद्देनजर आरबीआई के निर्देश के मुताबिक बहुत सारे बैंकों ने ग्राहकों को लोन की ईएमआई के लिए भुगतान पर तीन महीनों की अतिरिक्त मोहलत दी थी, जो मई में खत्म हो जाएगी। मगर लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही ऐसी संभावना है कि इस मोहलत को भी बढ़ाया जा सकता है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि इसके लिए सरकार से मांग की जाएगी। दरअसल विनिर्माण और सर्विस सेक्टर में बढ़े हुए लॉकडाउन, लोगों की सैलेरी में कटौती और नौकरियों के नुकसान से रिटेल लोन ग्राहकों की ईएमआई चुकाने की क्षमता प्रभावित हुई है। पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय द्वारा को-ऑर्डिनेट की गई एक बैठक में, जिसमें आरबीआई के प्रतिनिधि शामिल रहे, बैंकरों ने खुदरा लोन डिफॉल्ट पर बढ़ती चिंता के बारे में बताया। चिंता की असल वजह है कॉर्पोरेट्स और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के डिफॉल्ट होने के बढ़ते मामलों की संभावना, जो लॉकडाउन से सीधे प्रभावित हुए हैं।
क्या है बैंकिंग सेक्टर का नजरिया
आरबीआई ने बैंकों को लोन अदायगी के लिए मार्च से मई तक तीन महीने की मोहलत देने की अनुमति दी है, मगर बैंकिंग क्षेत्र में राय बन रही है कि यह राहत डिफॉल्ट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। बैंकिंग सेक्टर के मुताबिक इस मोहलत को बढ़ाने की जरूरत होगी। ऐसा अनुमान है कि लोन ईएमआई की मोहलत तीन महीने और बढ़ाई जा सकती है। एक अधिकारी के अनुसार उसके बाद भी औद्योगिक गतिविधियों और सर्विस क्षेत्रों (जैसे कि रेस्टोरेंट, मॉल, मूवी हॉल) के फौरन बेहतर स्थिति में आने की संभावना कम है।
कई बैंक चाहतें हैं मोहलत बढ़ाना
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार कई बैंक चाहते हैं लोन ईएमआई में मोहलत बढ़ाई जाए। एक सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रिटेल लोन ग्राहकों के लिए तीन महीने की मोहलत पर्याप्त नहीं है, इसे विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों की तरह छह महीने तक बढ़ाया जाना चाहिए। विभिन्न राज्यों में जूझ रही NBFC और माइक्रोफाइनेंस फर्मों को मोहलत नहीं देना ठीक नहीं था, क्योंकि कलेक्शन रुक गई है। उनके मुताबिक मई-जून के बाद बैड लोन बढ़ने की उम्मीद है। कोरोना संकट के बढ़ने से कई देशों ने पहले से ही छह महीने की मोहलत दी है।
कितना है बैंकिंग सेक्टर का बकाया रिटेल लोन
रिटेल पर्सनल (हाउसिंग, ऑटो, शिक्षा लोन और एफडी पर एडवांस सहित) का कुल बकाया जनवरी 2020 तक 24.97 लाख करोड़ रुपये था। एसबीआई ने बताया था कि घरेलू एडवांस का 37 प्रतिशत (719,766 करोड़ रुपये) दिसंबर 2019 तक रिटेल सेक्टर में था। आरबीआई की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2018 तक ये आंकड़ा 33 फीसदी पर था। रिटेल सेक्टर के लोन में इस वित्त वर्ष के दौरान (फरवरी 2020 तक) 17 फीसदी की उच्चतम वृद्धि दर देखी गई। हालांकि इस दौरान बैंकिंग सेक्टर के कुल लोन में 6 फीसदी की ही बढ़ोतरी दर्ज की गई।
More From GoodReturns

नया मल्टी-एसेट NFO: SIP या एकमुश्त, निवेश से पहले ये 5 बातें जरूर जानें

Sugar Stocks: चीनी की कीमतों में आग, इन 7 शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग की दमदार रणनीति

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Tempsens Instruments IPO: आज से खुला निवेश का मौका, जानें प्राइस बैंड और लॉट साइज की पूरी डिटेल

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

IPO बंद होने का आखिरी मौका: आज शाम 5 बजे से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना अटक सकता है पैसा

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन



Click it and Unblock the Notifications