नई दिल्ली, मई 30। सरकारी बैंकों (पीएसबी) ने व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों के कोरोना इलाज की लागत को पूरा करने के लिए 5 लाख रु तक का अनसिक्योर्ड लोन देने का ऐलान किया है। यह ऐलान महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर किया गया है, जिसने पूरे देश भर में मध्य और निम्न वर्ग आय वालों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। यह इन बैकों द्वारा घोषित तीन नए लोन प्रोडक्ट्स का हिस्सा है, जो वैक्सीन निर्माताओं, अस्पतालों / डिस्पेंसरियों, पैथोलॉजी लैब, ऑक्सीजन निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं, वेंटिलेटर, वैक्सीन के आयातकों और कोरोना से संबंधित दवाओं लॉजिस्टिक्स फर्मों और इससे पीड़ित व्यक्तियों को नए लोन सहायता प्रदान करने के लिए हैं।
कितना होगी ब्याज दर
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) द्वारा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई घोषणाओं के अनुसार, वेतनभोगी, गैर-वेतनभोगी और पेंशनभोगी सहित कोई भी व्यक्ति कोरोना ट्रीटमेंट के लिए 25,000 रु से 5 लाख रु तक के अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन का लाभ उठा सकता है। इस लोन को चुकाने की अवधि 5 वर्ष है और एसबीआई प्रति वर्ष 8.5% का ब्याज लेगा। अन्य बैंक अपनी ब्याज दर तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।
ईसीएलजीएस के तहत लोन
इन पीएसबी ने ईसीजीएलएस (इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी लोन स्कीम) के तहत मौजूदा अस्पतालों और पावर बैक अप सिस्टम के साथ ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने के लिए नर्सिंग होम को 2 करोड़ रु तक के स्वास्थ्य देखभाल बिजनेस लोन तक देने की भी पेशकश की है। इन लोन पर 7.5% की ब्याज दर होगी। इन लोन पर ईसीएलजीएस 4.0 के तहत नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड की 100% गारंटी होगी।
जानिए और किसे मिलेगा लोन
बैंक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बिजनेस लोन भी लेकर आए हैं। मेट्रो शहरों की फर्मों को हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना/विस्तार के लिए और वैक्सीन और वेंटिलेटर जैसे हेल्थकेयर उत्पादों के निर्माताओं को 100 करोड़ रु तक लोन दिया जाएगा। टियर 1 और शहरी केंद्रों में फर्म 20 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकती हैं, जबकि टियर 2 से टियर 4 में फर्म 10 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकती हैं। लोन अवधि 10 वर्ष है।
क्यों हुए इतने बड़े ऐलान
एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश खरा, आईबीए के अध्यक्ष राजकिरण राय और सीईओ सुनील मेहता ने कहा कि नए उपाय और लोन प्रोडक्ट्स का उद्देश्य कोविड महामारी के बढ़ते के प्रभाव को कम करना है। इस बीच केंद्र ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण आई आर्थिक अड़चनों के बीच अपनी ईसीएलजीएस का और विस्तार करने का ऐलान किया है।
छोटे बिजनेस को फायदा
केंद्र सरकार छोटे व्यवसायों को उनकी लोन सीमा का 30 प्रतिशत फीसदी अतिरिक्त उधार लेने की अनुमति देगी। यह पिछले साल घोषित 20 प्रतिशत के मुकाबले काफी अधिक होगा। योजना के तहत पिछले साल के छोटे बिजनेसों को दिए गए 3 लाख करोड़ रुपये (41 अरब डॉलर) के लोन का अब और विस्तार किया जाएगा। ईसीएलजीएस की वैधता 30 सितंबर 2021 तक या 3 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक बढ़ा दी गई है। योजना के तहत 30 दिसंबर तक लोन आवंटन की अनुमति होगी।


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