नयी दिल्ली। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए शुरू किये गये लॉकडाउन का असर लगभग हर सेक्टर पर पड़ रहा है। लॉकडाउन के कारण घरेलू गैस की मांग भी घटी है। इसके अलावा बंदरगाहों पर संचालन में भी बाधा आई है। इसी के मद्देनजर भारतीय भारतीय तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयातकों ने आपूर्तिकर्ताओं को फोर्स मेज्योर नोटिस (force majeure notice) जारी किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फोर्स मेज्योर नोटिस तब इश्यू किया जाता है जब किसी अनियंत्रित स्थिति के कारण किसी समझौते का कोई एक पक्ष कॉन्ट्रैक्ट का पालन न कर पाए। बता दें कि एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और प्रमुख ईंधन आयातकों में से एक भारत यदि एलएनजी की खरीदारी में कटौती करता है तो इससे एनएलजी की कीमतें बहुत अधिक प्रभावित हो सकती हैं। चीन, जहां से कोरोनावायरस की शुरुआत हुई, पहले ही एलएनजी की मांग घटा चुका है, जिससे इसकी कीमतें कम हुई हैं।
कतरगैस को जारी किया नोटिस
भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी कतर की कतरगैस को फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है। कतरगैस दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी कंपनी है। पेट्रोनेट एलएनजी ने नोटिस जारी करके कतरगैस से कार्गो की डिलिवरी में देरी करने को कहा है। गेल के अधिकारी के अनुसार गैस की मांग में भारी कमी आई है और इसमें और गिरावट आने की संभावना है। उनके मुताबिक पार्सल लोड पर केवल उर्वरक, बिजली और रिफाइनरी ही चल रही हैं। बाकी स्थानीय खरीदारों ने पहले ही फोर्स मेज्योर नोटिस जारी कर दिया है, ऐसे में हम एलएनजी कहां बेचेंगे।
गुजरात स्टेट पेट्रोलियम की भी हालत खराब
गुजरात स्टेट पेट्रोलियम ने भी ऐसा ही नोटिस अपने आपूर्तिकर्ताओं को जारी किया है। गुजरात स्टेट पेट्रोलियम के एक सूत्र के अनुसार लॉकडाउन के कारण विक्रेताओं के साथ कॉन्ट्रैक्ट के तहत प्रदर्शन में देरी होगी। स्थिति ये है कि कंपनी के अधिकतर ग्राहकों ने इसे पहले ही फोर्स नोटिस भेज दिये हैं। रसायन, कपड़ा और चीनी मिट्टी की चीज़ें जैसे उद्योग जो आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में नहीं आते हैं, बंद हो रहे हैं। कंपनी ने मई 2020 से मार्च 2021 तक डिलीवरी के लिए एलएनजी के 11 कार्गो आयात करने के एक टेंडर को रद्द कर दिया है।
घरेलू गैस बिक्री घटी
भारत की रोजाना की घरेलू ग्राहकों को गैस बिक्री में गिरावट आयी है। इससे एलएनजी स्टोरेज में भी दिक्कत आ रही है और खरीदार एलएनजी की नयी खेप नहीं स्वीकार कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट सेगमेंट पहले से ही 10% गिर गया है, जबकि खुदरा गैस सामान्य मात्रा से 10% नीचे है। इसके अलावा औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत आने वाले कार्गो चीन जा सकते हैं, जहां हालात एक महीने पहले से बेहतर हुए हैं।


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