सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (Linkedin) ने हाल ही में हायरिंग से जुड़ा एक सर्वे किया है. इस सर्वे में 1024 हायरिंग मैनेजर शामिल हुए हैं. लिंक्डइन के सर्वे के दौरान कई चौकाने वाली बातें सामने आई है. यह पता चला है कि अगर आप बार-बार नौकरी छोड़ देते है या फिर बेहद कम समय के लिए एक कंपनी में रहते हैं, तो आपके सीवी में इसका अच्छा असर नहीं पड़ता. इसके अलावा आपके हायर होने का चांस कम हो जाता है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन को प्रोफेशनल कनेक्शन बनाने के लिए जाना जाता है. इसके अलावा लिंक्डइन के जरिए कई लोग नौकरी ढूंढते हैं. लिंक्डइन ने हायरिंग से संबंधित एक सर्वे किया है. जिसमें कई बाते सामने आई है. अगर आप भी नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो ये सर्वे आपके लिए काम का हो सकता है. क्योंकि इसमें हायरिंग से जुड़ी काम की बाते बताई गई है.
इनको मिलती है नौकरी में प्राथमिकता
लिंक्डइन के इस सर्वे में 1024 हायरिंग मैनेजर शामिल हुए थे. सर्वे के दौरान उनसे जब पूछा गया कि वे हायर करते वक्त कैसे व्यक्ति को प्राथमिकता देते है, तो कई बाते पता चली. जैसे 54 फीसदी मैनेजर का कहना था कि वे ऐसे लोगों को प्राथमिकता देंगे, जो सीखना चाहता हो या अपनी स्किल अपग्रेड करना चाहता हो.
इसके अलावा 48 प्रतिशत मैनेजर ने कहा कि जो जल्द से ज्लद जॉइन कर पाएं, वे ऐसे लोगों को रखना पसंद करेंगे. इसके साथ ही 40 फीसदी मैनेजर ने बताया कि जो लोग फुल टाइम ऑफिस में काम कर सकते हैं, वे ऐसे लोगों को प्राथमिकता देंगे.
नौकरी बदलते रहने का ये होता है परिणाम
इस सर्वे के दौरान जब हायरिंग मैनेजर से पूछा गया कि वे कैसे उम्मीदवार रखना पसंद नहीं करेंगे, तो 37 फीसदी मैनेजर ने कहा कि ऐसे उम्मीदवार जो किसी एक कंपनी में ज्यादा नहीं रहते या फिर बार बार नौकरी बदलते रहते हैं. वे ऐसे लोगों की सीवी को आगे बढ़ाने से कतराते हैं.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक लिंक्डइन के करियर एक्सपर्ट डू मैककैस्किल ने कहा अगर कोई उम्मीदवार 9 महीने तक ही रहता है, तो हायरिंग मैनेजर को लगता है कि वे उनकी कंपनी में भी 9 महीने तक ही रहेगा.
इसके अलावा 34 फीसदी मैनेजर ने कहा कि ऐसा उम्मीदवार जिसके पास कोई एक प्रोफेशन को लेकर वर्किंग एक्सप्रीयंस ना हो या फिर दिशाहीन वर्किंग हिस्ट्री हो, तो वे ऐसे व्यक्ति को प्राथमिकता कम देते हैं.
गैप होने पर दें बेहतर एक्सप्लेशन
अगर आपने करियर में कोई गैप लिया है, तो उसका रिजन बताना जरूरी है. यह करियर गैप किसी भी कारण से हो सकता है जैसे आप शुरुआत में निश्चित ना हो कि आपको किस फिल्ड में जाना है, तो आपने पहले मार्केटिंग करी फिर सेल्स या कोविड -19 की वजह से गैप आ गया हो. या घर में कोई सदस्य बीमार हो, इसलिए यह गैप हो.
आपने चाहे जिस भी वजह से गैप लिया हो, आपको इस गैप के बारे में रिज्यमें में जानकारी देनी चाहिए.
अकसर रिज्यूमें के एक्सपीरियंस सेक्शन के ऊपर समरी सेक्शन होता है. इस समरी सेक्शन में आप अपने गैप का कारण बता सकते हैं.
इसके साथ ही लिंक्डइन में मौजूद अबाउट सेक्शन से आप रिक्रूटर्स को बता सकते है कि आपने जो स्किल सीखी या काम किया है, उसने आपको कैसे प्रोफेशनल बनाया है. ये बात आप इंटरव्यू के दौरान भी बता सकते हैं.
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