रिस्क लेकर छोड़ी नौकरी और खुद बना बॉस, अब हर महीने कमाता है 40 करोड़ रु

नई दिल्ली, मई 8। बात साल 2015 की है, जब इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की बढ़ती संख्या के बीच भारत में ईकॉमर्स का ग्राफ भी ऊपर जा रहा था। तब बैन एंड कंपनी में अपने गुरुग्राम कार्यालय में बैठे भरत कालिया ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स प्रोडक्ट्स पर विचार किया। भरत, जो लगभग 20-30 वर्षों से अपने माता-पिता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू उपकरणों का उपयोग कर रहे थे, को यकीन था कि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में डिजिटल सुधार की आवश्यकता है। इसके बाद उन्होंने खुद अपना इनिशिएटिव शुरू करने का फैसला लिया और आज भरत हर महीने करोड़ों रु कमाते हैं। आइए जानते हैं उन्होंने कैसे अपने बिजनेस की शुरुआत की।

लोग चाहते हैं कंफर्टेबल लाइफ

लोग चाहते हैं कंफर्टेबल लाइफ

भरत के अनुसार छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों सहित देश भर के ग्राहक अधिक आरामदायक जीवन जीना चाहते थे। लेकिन घरेलू उपकरण और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उनके लिए डिज़ाइन नहीं किए गए। उस समय भरत ने मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म में पांच साल बिताए थे। उन्होंने एक सहयोगी से लेकर टीम मैनेजर तक का सफर तय किया था। लेकिन उन्होंने महसूस किया कि वह कॉर्पोरेट नौकरी को छोड़ कर उद्यमिता की दुनिया में छलांग लगाने के लिए तैयार हैं।

प्रोडक्ट्स बनाने शुरू किए

प्रोडक्ट्स बनाने शुरू किए

कॉर्पोरट में नौकरी छोड़ने के बाद भरत ने घरेलू प्रोडक्ट बनाने शुरू किए। उन्होंने लोगों की जरूरत के मुताबिक और बेहद मुनासिब कीमत पर इन प्रोडक्ट्स को तैयार किया। भरत ने अपने दृढ़ विश्वास के चलते अपनी मैनेजमेंट कंसल्टेंसी नौकरी छोड़ दी और 2015 में गुरुग्राम में लाइफलॉन्ग ऑनलाइन शुरू किया। योअरस्टोरी की रिपोर्ट के अनुसार बैन एंड कंपनी के उनके सहयोगी वरुण ग्रोवर और उद्यमी अतुल रहेजा का भी साथ मिला।

क्या था आइडिया

क्या था आइडिया

भरत कहते हैं मेरा आइडिया ग्राहक-बैकवर्ड ब्रांड शुरू करना और ग्राहकों की जरूरत के मुताबित प्रोडक्ट्स पर नए-नए प्रयोग करना था। उन्हें उम्मीद थी कि इससे बढ़िया प्रोडक्ट्स काफी मुनासिब कीमत पर तैयार होंगे, जिन्हें ग्राहकों के सामने पेश किया जा सकेगा। तीनों लोगो ने पहले उत्पाद बनाने के लिए छोटी पूंजी के साथ शुरू किया और पहला प्रोडक्ट एक मिक्सर ग्राइंडर बनाया।

कमाई है करोड़ों में

कमाई है करोड़ों में

पांच वर्षों में, भरत और उनके सह-संस्थापकों ने घर, रसोई, सौंदर्य और लाइफस्टाइल कैटेगरी में प्रोडक्ट्स की एक बड़ी श्रृंखला तैयार कर ली और तेजी से बढ़ते डिजिटल-फर्स्ट कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ब्रांड के रूप में लाइफलॉन्ग ऑनलाइन का निर्माण किया। आज 60 सदस्यीय लाइफलॉन्ग ऑनलाइन टीम अच्छी कमाई वाले महीने में 40 करोड़ रुपये तक की इनकम हासिल करती है।

मिली थी करोड़ों की फंडिंग

मिली थी करोड़ों की फंडिंग

2019 में, भारत और उनकी टीम ने टैंगलिन वेंचर पार्टनर्स से सीरीज़ ए फंडिंग राउंट में 40 करोड़ रुपये जुटाए। अब उनकी कुल बिक्री का लगभग 33 प्रतिशत घरेलू और रसोई उपकरणों से प्राप्त होता है। जबकि एक तिहाई ग्रूमिंग और खेल उत्पादों से और बाकी लाइफस्टाइर और हेल्थकेयर श्रेणी से। लाइफलॉन्ग ऑनलाइन की वर्तमान में तीन फैक्ट्री हैं। इनमें एक कोयम्बटूर और दो हरियाणा में हैं। जब लॉकडाउन लगा तो भरत और उनकी टीम के लिए उत्पादों को इंस्टॉल और सर्विस करने के लिए ग्राहकों के घरों में जाना असंभव हो गया। तब उन्होंने डिजिटल कंटेंट तैयार किया जिसमें बताया गया था कि कैसे ग्राहक खुद प्रोडक्ट्स को इंस्टॉल और उनकी सर्विस कर सकते हैं।

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