नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी बीमा एलआईसी बहुत जल्द आपके लिए एक तगड़ी कमाई मौका लाने वाली है। ये मौका होगा एलआईसी के आईपीओ का। एलआईसी के आईपीओ के लिए एक और कदम उठाया गया है। निवेश बैंक सिटीग्रुप, इडेलवाइज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, क्रेडिट सुइस और डेलॉयट को एलआईसी के पूर्व-आईपीओ सलाहकार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। ये पांचों एलआईसी के सलाहकार बनने की दौड़ में हैं, मगर इनमें से किन्हीं दो को ही इस काम के लिए चुना जाएगा। फिलहाल इन पांचों को ही 11 यूनिट्स में शॉर्टलिस्ट किया गया है। ये एलआईसी के लंबे आईपीओ प्रोसेस में अगला कदम है। एलआईसी का आईपीओ भारत में इस तरह शेयर बिक्री का सबसे बड़ा इश्यू हो सकता है।
कैसे चुनी गईं ये 5 फर्म्स
इन फर्म्स को एलआईसी के आईपीओ के लिए सलाहकार की भूमिका के लिए सोमवार को टेक्निकल बोलियों के राउंड के बाद शॉर्टलिस्ट किया गया। अब फाइनेंशिल बोली क बाद अंतिम दो नामों पर मुहर लगाई जाएगी। इन पांच फर्म्स को 11 यूनिट्स की लिस्ट में से शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन फर्म्स को बीमा आईपीओ में इनके पिछले अनुभव और बाकी मानदंडों के साथ इनकी निवेशक पहुंच के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया। चुने जाने वाले अंतिम दो सलाहकारों का काम लिस्टिंग के लिए एलआईसी को तैयार करना होगा, जिसमें विभिन्न पहलुओं पर सरकार को सलाह देना शामिल है।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग कर रहा देख-रेख
एलआईसी के आईपीओ का पूरी प्रोसेस वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) की देख-रेख में हो रहा है। दीपम ने ही दो सलाहकारों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव के लिए आवेदन मांगे थे। सलाहकार एलआईसी अधिनियम में जरूरी संशोधन पर कानूनी जानकारी के मामले में सरकार की मदद करेंगे। साथ ही फ्यूचर कैपिटल स्ट्रक्चर पर भी ये सरकार को सलाह देंगे। सरकार को पहले एलआईसी एक्ट में संशोधन करने की जरूरत है।
दमदार है एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी
भारत में 24 जीवन बीमा कंपनियां हैं, जिनके बीच एलआईसी की वित्त वर्ष 2019-20 में बाजार हिस्सेदारी 69 फीसदी है। 2019-20 में कंपनी ने 1.78 लाख करोड़ रु का फर्स्ट ईयर प्रीमियम हासिल किया था, जो 2018-19 में मिले 1.42 लाख करोड़ रु से 25.17 फीसदी अधिक रहा। एलआईसी, जिसमें सरकार की 95 फीसदी हिस्सेदारी है, के पास 34 लाख करोड़ रु की संपत्ति है। वैसे आपको बता दें कि एलआईसी के आईपीओ का विरोध भी हुआ है। एलएआईसी के प्रस्तावित विनिवेश के खिलाफ अखिल भारतीय एलआईसी कर्मचारी महासंघ सामने आया है। इस संगठन ने पीएम मोदी को पत्र लिख कर एलआईसी को बचाने की गुहार लगाई है। पीएम को लिखे पत्र में संगठन ने कहा है कि एलआईसी में विनिवेश 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के खिलाफ है।
चिंतित हैं कर्मचारी
जुलाई के पहले हफ्ते में लिखे गए इस पत्र के जरिए संगठन के अध्यक्ष बिनॉय विस्वाम ने कहा कि प्रस्तावित आईपीओ प्रोसेस को लेकर बीमा निगम के कर्मचारी चिंतित हैं। कर्मचारी संगठन ने एलआईसी को भारत के मुकुट का एक रत्न बताते हुए पीएम मोदी से कहा कि वे इसमें विनिवेश रोकने के लिए तुरंत कुछ करें। अखिल भारतीय एलआईसी कर्मचारी महासंघ को डर है कि विनिवेश एलआईसी के निजीकरण का एक कदम होगा। वैसे भी सरकार कई पीएसयू कंपनियों का निजीकरण करने और कई सरकारी इकाइयों में अपनी हिस्सेदारी कम करने का ऐलान कर चुकी है।
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