LIC Dividend & Bonus Issue : भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है। एलआईसी अब डिविडेंड का भुगतान करने या बोनस शेयर जारी करने पर विचार कर रही है। इसके लिए यह पॉलिसीधारकों के फंड में से करीब 22 अरब डॉलर को उस फंड में ट्रांसफर करने की योजना बना रही है, जो डिविडेंड देने या बोनस शेयर जारी करने के लिए है। इसके पीछे एलआईसी का मकसद अपनी नेटवर्थ को बढ़ाना और निवेशकों का विश्वास फिर से जगाना है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी बीमा कंपनी इसी साल मई में भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। मगर इसके भाव में तब से अब तक 35 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। इससे निवेशकों की संपत्ति में लगभग 2.23 ट्रिलियन भारतीय रुपये की कमी आई।

एलआईसी की प्लानिंग
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि एलआईसी अब अपने शेयर की कीमत में सुधार करने के लिए कदम उठाने पर विचार कर रही है। कंपनी के नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड में 11.57 लाख करोड़ (ट्रिलियन) रु हैं। इनमें से 1.8 ट्रिलियन रुपये, जो कि 21.83 अरब डॉलर के बराबर हैं, को ट्रांसफर करने पर विचार कर रही है। इसके नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड में पड़ी राशि का छठा हिस्सा है।
दो तरह के प्रोडक्ट
आम तौर पर जीवन बीमा कंपनियां दो प्रकार के प्रोडक्ट बेचती हैं। इनमें एक होते हैं पार्टिसिपेटिंग। इन पॉलिसियों में प्रोफिट कस्टमर के साथ शेयर किया जाता है। दूसरी होती हैं, नॉन-पार्टिसिपेटिंग या नॉन-पार। इन पॉलिसियों का रिटर्न फिक्स होता है। एलआईसी नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों के जरिए इकट्ठा किए गए पैसे को नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड में रखती है।

निवेशकों का आत्मविश्वास
ऊपर बताए गए फंड में से कुछ हिस्से को शेयरधारकों के फंड में ट्रांशपर करना निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने का एक तरीका है। इससे यह भविष्य में हाई डिविडेंड के भुगतान का संकेतक होगा। उन्होंने कहा कि नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड में सरप्लस शेयरधारकों के लिए निर्धारित किया गया है। एलआईसी बोर्ड से मंजूरी के साथ शेयरधारकों के फंड में इसे ट्रांसफर किया जा सकता है।
बढ़ जाएगी वैल्यू
अगर यह ट्रांसफर होता है, तो एलआईसी की कुल संपत्ति लगभग 105 अरब रुपये के मौजूदा स्तर से लगभग 18 गुना बढ़ जाएगी और एलआईसी की वैल्यू एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ सहित बीमा कंपनियों के बीच टॉप पर होगी। एक बड़ा शेयरधारक फंड नए और मौजूदा निवेशकों का ध्यान एलआईसी की तरफ आकर्षित करेगा, क्योंकि इस पैसे का उपयोग एलआईसी द्वारा डिविडेंड ट्रांसफर या भविष्य में बोनस शेयर जारी करने के लिए किया जाएगा।

कितना गिरा शेयर
लिस्टिंग के दौरान एलआईसी के शेयरों की कीमत 949 रुपये प्रति शेयर थी। लेकिन फिलहाल यह 600 रुपये से नीचे है। हालांकि एलआईसी पर नजर रखने वाले नौ ब्रोकरेज में से सात ने इसे 'खरीदने' की सलाह दी है। उन्होंने इसके लिए औसतन 840 रुपये का लक्ष्य रखा है। एक जानकार के अनुसार एलआईसी के नये ट्रांसफर वाले कदम से इसकी प्रति शेयर बुक वैल्यू बढ़ेगी और एलआईसी के शेयरों के बारे में लोगों की धारणा में सुधार होगा।
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