नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने शेयर बाजार को काफी नुकसान पहुंचाया। पिछले कुछ हफ्तों में शेयर बाजार ने वापसी की है। मगर कोरोना संकट के बीच छोटे-बड़े निवेशकों की संपत्ति काफी घटी है। जिन बड़े शेयर बाजार निवेशकों को कोरोना संकट से झटका लगा, उनमें सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी भी शामिल है। एलआईसी को कोरोना संकट के बीच शेयर बाजार ने करीब पौने 2 लाख करोड़ रुपये का जोरदार झटका दिया। जनवरी-मार्च तिमाही में एलआईसी के शेयर बाजार में निवेश की वैल्यू में 1.7 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। nseinfobase.com के डेटा के अनुसार 31 दिसंबर 2019 को एलआईसी के लिस्टेड शेयरों में निवेश की वैल्यू 6.04 लाख करोड़ रुपये थी, जो 31 मार्च तक गिर कर 4.24 लाख करोड़ रुपये रह गई। साथ ही 31 मार्च को एलआईसी की लिस्टेड भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी 3.88 फीसदी रह गई, जो अब तक की सबसे कम है। एलआईसी की लिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी 5 फीसदी 30 जून 2012 को थी।
म्यूचुअल फंड्स ने बढ़ाई हिस्सेदारी
कई पीएसयू और कर्ज से दबी कंपनियों में निवेश का एलआईसी के शेयर पोर्टफोलियो पर असर पड़ा है। जहां तक इसकी लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी का सवाल है तो एलआईसी का कुछ हिस्सा म्यूचुअल फंड्स ने हासिल कर लिया है। भारतीय शेयरों में सबसे प्रभावशाली निवेशक के रूप में जानी जाने वाली एलआईसी की हिस्सेदारी पर घरेलू म्यूचुअल फंडों ने कब्जा कर लिया है। दरअसल पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में काफी निवेश बढ़ा है।
किन कंपनियों में घटी हिस्सेदारी
टाटा मोटर्स, टाटा केमिकल्स, इंडियाबुल्स हाउसिंग, इडेलवाइज फाइनेंशियल, जीआईसी हाउसिंग, केनरा बैंक, फ्यूचर ग्रुप और अनिल अंबानी के नियंत्रण वाली कंपनियों में एलआईसी की होल्डिंग मार्च तिमाही में 50 प्रतिशत से 70 प्रतिशत के बीच घट गई। वहीं जहां नुकसान का सवाल है तो एक एक्सपर्ट बताते हैं कि एलआईसी के पोर्टफोलियो में मौजूद कंपनियों के शेयरों में म्यूचुअल फंड और एफपीआई की तुलना में कोरोना के कारण हुई बिक्री के दौरान अधिक गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण पोर्टफोलियो की क्वालिटी है।
एलआईसी का आईपीओ
सरकार ने बजट 2020 में एलआईसी और आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने का खास प्रस्ताव रखा था। एलआईसी कुछ एक उन चुनिंदा सरकारी कंपनियों में से है जो तगड़ा मुनाफा कमाती हैं। बावजूद इसके सरकार इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। पहले इस तरह की रिपोर्ट आई थीं कि सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में एलआईसी का आईपीओ ला सकती है। स्वतंत्र मूल्यांकन फर्म आरबीएसए एडवाइजर्स ने एलआईसी की वैल्यू 9.9 लाख करोड़ से 11.5 लाख करोड़ रुपये के बीच आंकी है।
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