नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी के मुताबिक इसका नई पॉलिसी का कारोबार 6 सालों के शिखर पर पहुंच गया। यानी एलआईसी ने इस मामले में अपना 6 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्त वर्ष 2019-20 में एलआईसी ने 6 सालों में सबसे अधिक नई पॉलिसियां बेचीं। हालांकि मार्च के करीब 15 अंतिम दिनों एलआईसी का कारोबार बिलकुल सुस्त रहा, जबकि आम तौर पर इसी महीने में बीमा कंपनियों के कारोबार में तेजी देखने को मिलती है। मार्च में एलआईसी का कारोबार मंदा होने के पीछे कोरोनावायरस के कारण देश में लागू किया लॉकडाउन है। 25 मार्च से कोरोनावायरस के फैलने के रोकने के लिए पूरे देश में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की शुरुआत हुई, जिसने लोगों और सामानों की आवाजाही के अलावा सेवाओं और व्यवसायों को प्रभावित किया। कोरोनावायरस ने कारोबारों को प्रभावित करना पहले ही शुरू कर दिया था। फिर भी मार्च में सुस्त कारोबार के बावजूद पूरे साल में एलआईसी ने दमदार प्रदर्शन किया।
2.19 करोड़ पॉलिसियां बेचीं
व्यक्तिगत नए कारोबार के मामले में एलआईसी ने पूरे वित्तीय वर्ष में 2.19 करोड़ पॉलिसियां बेचीं। हाल ही में संपन्न हुए वित्तीय वर्ष में अपने प्रदर्शन के बारे में बताते हुए एलआईसी ने खुलासा किया इसकी पहली साल की प्रीमियम इनकम 25 फीसदी बढ़ कर 51000 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि बीमा इंडस्ट्री की इस मामले में ग्रोथ सिर्फ 11.6 फीसदी रही। बल्कि एलआईसी ने यहां तक दावा किया है कि बीमा इंडस्ट्री के पॉलिसी बेचने में सकारात्मक ग्रोथ एलआईसी के ही शानदार प्रदर्शन के कारण संभव हुआ है।
प्रीमियम में 39 फीसदी बढ़ोतरी
एलआईसी की ग्रुप बिजनेस के लिए प्रीमियम 39 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1.27 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। साथ ही ग्रुप बिजनेस में इसकी बाजार हिस्सेदारी भी 77.94 फीसदी से बढ़ कर 80.54 फीसदी हो गई। जहां तक नए कारोबारी प्रीमियम के ग्रोथ की बात है तो एलआईसी ने प्राइवेट बीमा कंपनियों को पछाड़ दिया। कुल मिलाकर एलआईसी का नया प्रीमियम कारोबार 25.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा। हालांकि मार्च के लिए एलआईसी का पहले साल का प्रीमियम में 31.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,066.57 करोड़ रुपये रह गया।
कितना रहा सिंगल और नॉन-सिंगल प्रीमियम
एलआईसी ने 21,967 करोड़ का सिंगल प्रीमियम और 29,260 करोड़ रुपये का नॉन-सिंगल प्रीमियम भी हासिल किया। यानी सिंगल प्रीमियम के लिए लगभग 43 प्रतिशत और नॉन-सिंगल प्रीमियम के लिए 57 प्रतिशत। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमाकर्ता ने यह भी कहा कि 2019-20 में पॉलिसियों की संख्या में इसकी कुल बाजार हिस्सेदारी 75.9 प्रतिशत पर पहुंची, जो 1.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है। इसी तरह पहले प्रीमियम में इसकी बाजार हिस्सेदारी लगभग 69 प्रतिशत रही, जिसमें 2.5 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके एलआईसी ने वित्तीय वर्ष में 2.03 करोड़ मैच्योरिटी और मनी बैक और वार्षिकी का निपटान किया, जबकि 750,000 डेथ क्लेम भी निपटाए।
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