नई दिल्ली, मई 9। भारतीय जीवन बीमा निगम के आईपीओ को निवेशकों से अच्छा रेस्पोंस मिला है। इसके आईपीओ को 2.95 गुना ओवरसब्सक्राइब किया गया। देश की सबसे बड़ी और सरकारी बीमा कंपनी के आईपीओ में 16.2 करोड़ इक्विटी शेयर रखे गए थे, जिसके मुकाबले 47.83 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं। पॉलिसीधारकों के लिए अलग रखे गए हिस्से को 6.11 गुना, कर्मचारियों के आवंटित कोटे को 4.39 गुना और खुदरा निवेशकों के आरक्षित शेयरों के लिए 1.99 गुना आवेदन मिले। वहीं योग्य संस्थागत खरीदारों के आरक्षित हिस्से को 2.83 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 2.91 गुना सब्सक्राइब किया गया।
आज था आखिरी दिन
आज एलआईसी के आईपीओ का आखिरी दिन था। एलआईसी आईपीओ पूरी तरह से एक ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) रखा गया जिसमें केंद्र सरकार 22.13 करोड़ (22,13,74,920) शेयर या जीवन बीमाकर्ता में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है।
आईपीओ की डिटेल
6 दिवसीय ब्लॉकबस्टर आईपीओ बुधवार, 4 मई, 2022 को सदस्यता के लिए खुला था और आज शाम 7 बजे समाप्त हुआ। इसका प्राइस बैंड 902-949 रुपये प्रति शेयर रहा और पॉलिसीधारकों के लिए 60 रुपये प्रति शेयर और खुदरा निवेशकों और कर्मचारियों के लिए 45 रुपये की छूट दी गयी। लोगों को भाग लेने की अनुमति देने के लिए एलआईसी आईपीओ को बीते शनिवार और रविवार को भी खुला रखा गया। यह शायद पहली बार था जब किसी आईपीओ के लिए विशेष छूट दी गई थी।
एंकर निवेशकों से जुटाई पूंजी
आईपीओ लाने से पहले, जीवन बीमा दिग्गज ने एंकर निवेशकों से 5,627 करोड़ रुपये जुटाए थे। एलआईसी देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। इसका गठन 1 सितंबर 1956 को 245 निजी जीवन बीमा कंपनियों का विलय और राष्ट्रीयकरण करके 5 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ किया गया था। एलआईसी अब लगभग 40 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन करती है और वैश्विक स्तर पर पांचवीं सबसे बड़ी जीवन बीमाकर्ता और देश में सबसे बड़ी संपत्ति प्रबंधक है।


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