नई दिल्ली, मई 7। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बोली लगाने के दूसरे दिन बीते गुरुवार को पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। आज इश्यू के चौथे दिन (शाम 6 बजे तक) कंपनी के आईपीओ को 1.63 गुना आवेदन मिल गए हैं। अब तक इसे आईपीओ में बिक्री के लिए रखे गये 16,20,78,067 शेयरों के मुकाबले 26,39,63,655 गुना आवेदन मिले हैं। आगे जानिए किस सेगमेंट को कितना सब्सक्राइब किया गया है।
क्यूआईबी और नॉन-इंस्टिट्यूश्नल इंवेस्टर
क्यूआईबी (क्वालिफाइड इंस्टिट्यूश्नल बायर्स) के हिस्से को 0.67 गुना सब्सक्राइब किया गया है। इनके लिए रखे गए 3,95,31,236 शेयरों की तुलना में 2,64,68,385 शेयरों के लिए ही आवेदन मिले हैं। वहीं नॉन-इंस्टिट्यूश्नल इंवेस्टर के हिस्से को 2,96,48,427 शेयरों के मुकाबले 3,13,77,960 शेयरों के लिए आवेदन मिले हैं। इस कैटेगरी को 1.06 गुना सब्सक्राइब कर लिया गया है।
रिटेल और कर्मचारी
रिटेल निवेशकों के लिए 6,91,79,663 शेयर रिजर्व हैं, जबकि इसके मुकाबले 9,89,75,250 शेयरों के लिए आवेदन किए गए हैं। यानी 1.43 गुना। वहीं कर्मचारियों के लिए 15,81,249 शेयर आरक्षित हैं। इस कैटेगरी को 3.49 गुना सब्सक्राइब करते हुए 55,21,650 शेयरों के लिए आवेदन किए गए हैं।
पॉलिसीधारकों ने सबसे अधिक दिखाया दम
पॉलिसीधारकों के लिए 2,21,37,492 शेयर रिजर्व रखे गए हैं। पर इसकी तुलना में 10,17,37,560 शेयरों के लिए आवेदन किए गए हैं। पॉलिसीधारकों की कैटेगरी को सर्वाधिक 4.60 गुना सब्सक्राइब किया गया है।
कब तक है निवेश का मौका
ये भारतीय बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है, जिसका साइज कुल मिलाकर 20,557 करोड़ रुपये का है। एलआईसी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9 मई तक के लिए खुला है। रिटेल बोलीदाता (निवेशक) रविवार को भी इस इश्यू के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक असामान्य कदम है।
कितनी हिस्सेदारी बिकेगी
यह इश्यू पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा लगभग 22.13 करोड़ इक्विटी शेयरों (कुछ शेयर एंकर निवेशकों के लिए रहे) की बिक्री की पेशकश (ऑफर फॉर सेल या ओएफएस) है, जिसके पास बीमाकर्ता में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। लेकिन सरकार कंपनी की केवल 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी को ही आईपीओ में बेचेगी। कंपनी अपने शेयरों को 902-949 रुपये के दायरे में बेचेगी। ये आईपीओ में शेयरों का प्राइस बैंड है। लेकिन इसके पॉलिसीधारकों को 60 रुपये प्रति शेयर की छूट दी जा रही है। पात्र कर्मचारियों और रिटेल निवेशकों को प्रति शेयर 45 रुपये की छूट मिलेगी।
पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों की मौज
एलआईसी आईपीओ आवेदक को रिटेल कैटेगरी के बजाय रिजर्व कैटेगरी को प्राथमिकता देनी चाहिए। एक जानकार के अनुसार रिटेल कैटेगरी में शेयर आवंटन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। मगर पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों की श्रेणी में शेयर आवंटन आनुपातिक आधार के माध्यम से होगा। आनुपातिक आधार का मतलब है कि यदि 100 लोग 200 शेयरों के लिए आवंटन करते हैं तो सब को 2-2 शेयर जरूर दिए जाएंगे। शेयर आवंटन प्रोसेस में, रिटेल कैटेगरी के आवेदकों को आवंटन के माध्यम से बहुत सारे या एलआईसी के न्यूनतम 15 शेयर तब ही मिलेंगे जब उनका आवेदन लकी ड्रॉ के माध्यम से निकले। हालांकि, पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों की कैटेगरी के मामले में, सभी आवेदकों को आनुपातिक आधार पर कम से कम कुछ शेयर दिए जाएंगे।
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