
LIC eases claim settlement rules regarding Odisha train accident: उड़ीसा में हुए भयानक ट्रेन हादसे में सैकड़ों जानें चली गई हैं। वहीं इस हादसे में हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस भयानक हादसे को देखते हुए एलआईसी ने बड़ा कदम उठाया है। एलआईसी ने इस हादसे के शिकार लोगों के लिए क्लेम सेंटलमेंट के नियम आसान कर दिए हैं।
एलआईसी ने इसी के साथ हादसे में शिकार लोगों और उनके परिवारों को तुरंत सहायत पहुंचाने के लिए एक विशेष कॉल सेंटर भी स्थापित किया है। इसके अलावा मंडल और शाखा स्तर पर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है।
एलआईसी के अध्यक्ष सिद्धार्थ मोहंती ने एक बयान जारी कर कहा कि हम ओडिशा के बालासोर में हुई दुखद ट्रेन दुर्घटना से बहुत दुखी हैं। एलआईसी प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय राहत देने और दावा निपटान में तेजी लाने के लिए कई कदम उठाएं हैं।
एलआईसी पॉलिसी और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के दावेदारों की कठिनाइयों को कम करने के लिए कई रियायतों की भी घोषणा की गई है। इसमें कहा गया है कि पंजीकृत मृत्यु प्रमाण पत्र के बदले रेलवे, पुलिस या किसी राज्य या केंद्रीय प्राधिकरण की तरफ से प्रकाशित हताहतों की सूची को मृत्यु के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
दावे से संबंधित प्रश्नों का जवाब देने और दावेदारों को सहायता प्रदान करने के लिए निगम ने मंडल और शाखा स्तर पर एक विशेष हेल्प डेस्क व एक कॉल सेंटर नंबर की स्थापना की है। इसका नंबर 022-68276827 है।
एलआईसी ने बयान में कहा है कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे कि दावेदारों तक पहुंचा जाए और प्रभावित परिवारों के दावों का तेजी से निपटारा किया जाए।

रेल मंत्रालय और पीएमओ भी देगा आर्थिक सहायत
ओडिशा में हुए इस भयावह ट्रेन हादसे में मृतकों के परिजनों को रेल मंत्रालय 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देगा। इसके अलावा गंभीर रूप से घायलों को भी 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस बात की जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है।
वहीं पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी ओडिशा ट्रेन दुर्घटना पीड़ितों के लिए 2 लाख रुपये, घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। पीएमओ ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है।


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