
LIC : पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने 2 लाख करोड़ रु से ज्यादा का प्रीमियम जुटाया। इसे 2.33 लाख करोड़ रु की आय प्रीमियम के माध्यम से हुई यह इनकम वार्षिक आधार पर 17 प्रतिशत अधिक रही। एलआईसी को वित्त वर्ष 2021-22 में 1.99 लाख करोड़ रु की आय प्रीमियम से हुई थी।
प्रीमियम आय के हिसाब से एलआईसी की बाजार में हिस्सेदारी 62.58 प्रतिशत रही। लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केवल एलआईसी ही ने नही मार्च के महीने में जमकर प्रीमियम बटोरा। बल्कि प्राइवेट बीमा कंपनियों ने भी मार्च के महीने में जमकर प्रीमियम बटोरा हैं।
इसका कारण यह रहा कि नॉन-लिंक्ड पॉलिसी में 1 अप्रैल से टैक्स एग्जेम्प्शन का लाभ को वापस ले लिया गया है। इसका फायदे को लेने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने नियम को लागू होने से पहले ही पॉलिसी को खरीद ली।
वित्त वर्ष 2023 में एलआईसी ने जानकारी प्रीमियम बटोरा। हालांकि प्रीमियम ग्रोथ के मामले में यह दूसरी लिस्टेड कंपनी रही और इससे भी अधिक प्रीमियम ग्रोथ एचडीएफसी की रही। वार्षिक आधार पर एचडीएफसी लाइफ ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में 18.83 प्रतिशत ज्यादा प्रीमियम जुटाया।
अगर हम एसबीआई लाइफ की प्रीमियम ग्रोथ की बात करें तो फिर यह 16.22 प्रतिशत और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की प्रीमियम ग्रोथ 12.55 प्रतिशत रही।
इंडिविजुअल कैटेगरी में एलआईसी ने मार्च के महीने में 10 हजार करोड़ रु से ज्यादा प्रीमियम जुटाया। यह सभी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में सबसे ज्यादा रहा। एलआईसी के बाद एचडीएफसी लाइफ ने 2,989.17 करोड़ रु जुटाएं। इसके साथ ही एसबीआई लाइफ ने 2,318.77 करोड़ रु और टाटा एआईए लाइफ ने 1,884.41 करोड़ रुपये जुटाए।
वित्त वर्ष 2023 में एलआईसी ने 3.30 प्रतिशत ज्यादा इंडिविजुअल सिंगल प्रीमियम जुटाया। वही, नॉन-सिंगल प्रीमियम 10 प्रतिशत बढ़ गई। वही, सबसे ज्यादा उछाल ग्रुप सिंगल प्रीमियम में रही और यह 1लाख 37 हजार 350.36 करोड़ रु से 21.76 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 67 हजार 235 करोड़ रु पर पहुंच गया।
मार्च 2022 में इंडिविजुअल नॉन सिंगल प्रीमियम सेगमेंट में 5,501.12 करोड़ रु से 10.49 प्रतिशत बढ़कर मार्च 2023 में 6 हजार 77.97 करोड़ रु हो गया।


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