भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अपने 1:1 बोनस शेयर इश्यू के लिए 29 मई की रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। इस फैसले के बाद सभी पात्र शेयरधारकों के पास शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। कंपनी का उद्देश्य उन निवेशकों को पुरस्कृत करना है, जो शेयर बाजार में इसकी शुरुआत के समय से ही साथ बने हुए हैं।
अक्सर लोगों को लगता है कि LIC की पॉलिसी होने पर वे बोनस शेयर के हकदार बन जाते हैं, लेकिन यह धारणा गलत है। बोनस शेयर का लाभ केवल उन लोगों को मिलता है जिनके पास कंपनी के शेयर हैं। नियम बिल्कुल स्पष्ट है कि ये शेयर सिर्फ इक्विटी होल्डर्स के लिए ही रिजर्व हैं। हर रिटेल इन्वेस्टर के लिए इस फर्क को समझना बेहद जरूरी है।

LIC बोनस इश्यू के लिए क्या है पात्रता?
बोनस का लाभ उठाने के लिए निवेशक का नाम रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड में होना अनिवार्य है। एक्स-डेट (ex-date) वह दिन होता है जब बोनस इश्यू के कारण शेयर की कीमत एडजस्ट होती है। पात्रता हासिल करने के लिए आपको इस तारीख से पहले शेयर खरीदने होंगे। एक्स-डेट पर खरीदे गए शेयर बोनस के लिए पात्र नहीं माने जाते। बोनस शेयर मिलने के तुरंत बाद आपके कुल निवेश की वैल्यू तो वही रहती है, लेकिन बाजार में ट्रेडिंग के लिए ज्यादा शेयर उपलब्ध होने से लिक्विडिटी बढ़ जाती है।
सुरक्षित बचत योजनाओं के मुकाबले LIC बोनस
बचत करने वाले लोग अक्सर शेयरों से मिलने वाले रिटर्न की तुलना पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से करते हैं। सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) जैसी योजनाएं निवेश पर गारंटीड ब्याज देती हैं। सरकार समर्थित ये विकल्प मार्केट-लिंक्ड निवेश की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। पूंजी की सुरक्षा के लिहाज से पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स आज भी काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि, बढ़ती महंगाई के खिलाफ लंबी अवधि में इक्विटी बेहतर सुरक्षा और रिटर्न प्रदान करती है।
| एसेट का प्रकार | जोखिम का स्तर | मुख्य फायदा |
|---|---|---|
| LIC बोनस शेयर | मार्केट रिस्क | ग्रोथ की संभावना |
| पोस्ट ऑफिस (PPF) | बहुत कम | सरकारी गारंटी |
| KSFE चिट्टी | मध्यम | अनिवार्य बचत |
निवेशकों को सबसे पहले डिविडेंड और कैपिटल गेन्स पर लगने वाले टैक्स के बारे में विचार करना चाहिए। केरल स्टेट फाइनेंशियल एंटरप्राइजेज (KSFE) की चिट्टियां कई लोगों के लिए बचत का एक अनुशासित जरिया हैं, लेकिन ये शेयर बाजार की तरह तेजी से बढ़ने की क्षमता नहीं रखतीं। बेहतर परिणामों के लिए हमेशा अपने पोर्टफोलियो में सुरक्षित योजनाओं और इक्विटी का सही तालमेल बिठाएं। यह रणनीति बाजार के उतार-चढ़ाव को मैनेज करने और आपके वित्तीय लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद करती है।
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