LIC Bonus Share: देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) आज यानी 13 अप्रैल को अपने निवेशकों के लिए एक बड़ा तोहफा देने पर विचार कर रही है। LIC के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आज अहम बैठक होने वाली है, जिसमें कंपनी के इतिहास में पहली बार bonus shares को मंजूरी दी जा सकती है।

2022 में शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होने के बाद यह पहली बार होगा जब LIC अपने शेयरधारकों को फ्री शेयर देने पर विचार कर रही है। अगर बोर्ड इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो निवेशकों को उनके हर मौजूदा शेयर के बदले एक्सट्रा शेयर फ्री में मिलेंगे। उदाहरण के लिए, अगर बोनस रेशियों 1:1 तय होता है, तो आपके 100 शेयर बढ़कर 200 हो जाएंगे। हालांकि, बोनस शेयर के बाद शेयर प्राइस उसी अनुपात में एडजस्ट हो जाता है।
आज बाजार खुलते ही LIC के शेयरों में हलचल देखी जा रही है। सोमवार सुबह शेयर करीब आधा परसेंट गिरकर ₹794.55 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 2% तक की गिरावट के साथ ₹782 के स्तर तक चला गया। हालांकि, बाद में इसमें रिकवरी देखने को मिली और और खबर लिखने तक शेयर ग्रीन जोन में दिखाई दे रहा था। कंपनी का मार्केट कैप अब भी 5 लाख करोड़ रुपये के ऊपर बना हुआ है।
किन्हें मिलेगा बोनस शेयर ?
बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) बहुत महत्वपूर्ण होती है। केवल उन्हीं निवेशकों को ये फ्री शेयर मिलेंगे जिनके पोर्टफोलियो में रिकॉर्ड डेट वाले दिन LIC के शेयर होंगे। आज की मीटिंग के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बोनस किस अनुपात में मिलेगा और इसकी रिकॉर्ड डेट क्या होगी। बोर्ड की हरी झंडी के बाद इस पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेना भी जरूरी होगा।
भारत सरकार की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा-
LIC में 96.5% यानी ज्यादातर हिस्सेदारी भारत सरकार के पास ही है. आंकड़ों की बात करें तो करीब 21 लाख छोटे रिटेल निवेशकों ने LIC में पैसा लगाया है, लेकिन कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी सिर्फ 1.5% ही है. सरकार के बाद जो थोड़ी-बहुत हिस्सेदारी बचती है, वह म्यूचुअल फंड और विदेशी निवेशकों के पास है.
बोर्ड मेंबर्स के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद-
LIC ने पहले ही स्टॉक एक्सचेंजों को बता दिया है कि कंपनी के अंदरूनी लोगों यानी कर्मचारियों और बोर्ड मेंबर्स के लिए ट्रेडिंग विंडो फिलहाल बंद है। यह विंडो 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही के नतीजों के आने के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी। सेबी (SEBI) का नियम कहता है कि जब भी कोई इतनी बड़ी घोषणा होने वाली होती है, तो कंपनी से जुड़े लोग शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं कर सकते ताकि कोई गलत फायदा न उठा सके।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


Click it and Unblock the Notifications