नई दिल्ली, जनवरी 19। एलआईसी भारत की सबसे बड़ी और सरकारी बीमा कंपनी है। भारतीय जीवन बीमा निगम की स्थापना 1 सितंबर 1956 को हुई, जब भारत की संसद ने भारतीय जीवन बीमा अधिनियम पारित किया जिसने भारत में बीमा उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया। समय के साथ एलआईसी ने कई बीमा पॉलिसियां पेश की हैं। एलआईसी अपनी कई आकर्षक जीवन बीमा पॉलिसियों के साथ कुछ माइक्रो बीमा पॉलिसियों की पेशकश कर रही है। इन्हीं में से एक है भाग्य लक्ष्मी प्लान। जानिए इस प्लान की डिटेल और फायदे।
एलआईसी की भाग्य लक्ष्मी योजना
एलआईसी एक खास स्कीम भाग्य लक्ष्मी योजना की पेशकश कर रही है। यह एक नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग माइक्रो बीमा पॉलिसी है। बात दें कि माइक्रो बीमा ऐसी पॉलिसी को कहा जाता है, जो कम इनकम वाले परिवारों या कम बचत कर पाने वाले लोगों को कवरेज प्रदान करती हो।
एलआईसी की भाग्य लक्ष्मी योजना के फायदे
एलआईसी भाग्य लक्ष्मी एक सीमित प्रीमियम भुगतान टर्म प्लान है, जिसमें पॉलिसी अवधि के अंत तक बीमित व्यक्ति के जीवित रहने पर मैच्योरिटी पर देय राशि प्रीमियम की कुल राशि की 110 फीसदी होती है। इस प्रीमियम में कोई टैक्स और अतिरिक्त प्रीमियम, यदि कोई हो, शामिल नहीं होगा। मैच्योरिटी से पहले पॉलिसीधारक की मृत्यु पर 'सम एश्योर्ड ऑन डेथ' (जितनी राशि की पॉलिसी है) का भुगतान किया जाएगा। यहां 'सम एश्योर्ड ऑन डेथ' को वार्षिक प्रीमियम के 7 गुना या मृत्यु की तारीख तक भुगतान किए गए कुल प्रीमियम का 105 फीसदी या सम एश्योर्ड के रूप में परिभाषित किया गया है। हालांकि, प्रीमियम में कोई टैक्स शामिल नहीं होगा।
कौन ले सकता है एलआईसी का भाग्य लक्ष्मी प्लान
एलआईसी भाग्य लक्ष्मी योजना लेने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष (5 साल के प्रीमियम पर) है। यदि कोई 6 से 13 वर्ष की अवधि के लिए प्रीमियम भरे तो अधिकतम आयु 55 वर्ष तक हो सकती है। मगर इसमें अधिकतम मैच्योरिटी आय़ु 65 वर्ष होगी। ये आयु प्रीमियम भुगतान अवधि पर निर्भर करेगी।
कम से कम कितना सम एश्योर्ड
न्यूनतम बीमा राशि 20,000 रुपये है, और अधिकतम बीमा राशि 50,000 रुपये है। सम एश्योर्ड 2000 रु के बाद 1,000 रुपये के गुणकों में आगे बढ़ाया जा सकता है। पॉलिसी के लिए न्यूनतम प्रीमियम भुगतान अवधि 5 वर्ष है, जबकि अधिकतम प्रीमियम भुगतान अवधि 13 वर्ष है। पॉलिसी अवधि को प्रीमियम भुगतान अवधि + 2 वर्ष के रूप में गिना जाएगा। पॉलिसी की अवधि के अनुसार पॉलिसी के प्रीमियम का भुगतान वार्षिक, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक या मासिक मोड में किया जा सकता है।
प्रीमियम के भुगतान के लिए ग्रेस पीरियड
यदि मासिक आधार पर प्रीमियम का भुगतान करना चुनते हैं और कभी प्रीमियम न दे पाएं तो आपको 30 दिनों की छूट यानी ग्रेस पीरियड मिलेगा। बाकी तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर यही ग्रेस पीरियड 60 दिन का होगा। मगर ध्यान रहे कि यदि एक वर्ष से कम प्रीमियम का भुगतान किया गया है और इसके बाद के प्रीमियम का भुगतान नहीं किया गया है, तो पॉलिसी के तहत सभी लाभ पहले बिना पेमेंट वाले प्रीमियम की तारीख से ग्रेस पीरियड की समाप्ति के बाद समाप्त हो जाएंगे और कुछ भी देय नहीं होगा।
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